नई दिल्ली | कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए 'संगठन सृजन अभियान' के तहत हलचल तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक और पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने स्पष्ट किया कि जिला अध्यक्ष के चयन में लोकतांत्रिक मर्यादा और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

चयन प्रक्रिया: बंद कमरे में होगी रायशुमारी

बैठक को संबोधित करते हुए रामचंद्र खूंटिया ने कहा कि नए जिला अध्यक्ष का चयन किसी थोपे गए निर्णय से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की मन्शा के अनुरूप होगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया की रूपरेखा साझा करते हुए बताया:

व्यक्तिगत रायशुमारी: ब्लॉक अध्यक्षों, पूर्व विधायकों, पार्षदों और विभिन्न विभागों (महिला कांग्रेस, सेवादल, एससी-एसटी विंग) के पदाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से राय ली जाएगी।

गोपनीयता और निष्पक्षता: कार्यकर्ताओं को 'बंद कमरे' में अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी राय और संगठन की मजबूती के लिए सुझाव दे सकें।

प्रदर्शन का मूल्यांकन: वर्तमान जिला अध्यक्ष के कार्यकाल की समीक्षा की जाएगी और अन्य योग्य दावेदारों के नामों पर गंभीरता से चर्चा होगी।

शीर्ष नेतृत्व लेगा अंतिम निर्णय

खूंटिया ने जोर देकर कहा कि जिला स्तर पर रायशुमारी के बाद नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया:

"चयनित नामों की सूची राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास भेजी जाएगी। उनकी अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही नए जिला अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी।"

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

संगठन की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की एकजुटता देखने को मिली। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:

वर्तमान नेतृत्व: जिला अध्यक्ष राजकुमार जैन, लोकसभा ऑब्जर्वर लक्ष्मण रावत।

पूर्व जनप्रतिनिधि: पूर्व मंत्री मंगतराम सिंगल, पूर्व विधायक राजेश लिलोठिया, भीष्म शर्मा, विपिन शर्मा।

संगठन पदाधिकारी: जिला उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महासचिव राम ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष कैलाश जैन, अजीत चौधरी, देवानंद चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता।

इस पारदर्शी प्रक्रिया से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी किसी सक्रिय और सर्वमान्य चेहरे पर दांव लगाएगी।