नई दिल्ली: देश में महंगाई के मोर्चे पर आम जनता और व्यापारियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। 1 जून से कॉमर्शियल और छोटे एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दामों में फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। ताजा बदलावों के मुताबिक, होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹42 की वृद्धि की गई है, जबकि 5 किलो वाले 'छोटू' एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़ा दिए गए हैं।

सिलेंडर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस का वार: 'महंगाई मैन' ने फिर शुरू की वसूली

दामों में हुई इस वृद्धि के तुरंत बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ‘महंगाई मैन’ मोदी ने 5 किलो वाला छोटू LPG सिलेंडर भी महंगा कर दिया है।

कांग्रेस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज 1 महीने के भीतर छोटू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुल ₹272 की भारी बढ़त की जा चुकी है:

1 मई: ₹261 की बढ़ोतरी

1 जून: ₹11 की बढ़ोतरी

कुल वृद्धि: ₹272

कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा, "पहले ‘महंगाई मैन’ ने देश की गरीब जनता को छोटू सिलेंडर खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया और अब इसकी कीमतें बढ़ाकर वसूली चालू कर दी है।"

कहाँ होगा सीधा असर?

19 किलो वाले बड़े कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने से सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और हलवाई की दुकानों का मासिक बजट प्रभावित होगा। संचालन खर्च बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में बाहर का खाना, नाश्ता और शादियों-समारोहों में कैटरिंग सर्विस महंगी हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी घरेलू रसोई का बजट पहले जैसा ही रहेगा।

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का दावा

यह ताजा मूल्य वृद्धि सरकार के उस आश्वासन के बीच आई है जिसमें कहा गया था कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और ऊर्जा संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंत्रालयों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि सरकार रणनीतिक भंडारों और बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के जरिए देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को सख्त हिदायत दी है कि वे देश में कम से कम 30 दिनों की खपत के बराबर एलपीजी (LPG) का रिजर्व स्टॉक हमेशा बनाए रखें। इसके साथ ही कच्चे तेल के भंडारों को भी मजबूत करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।