लखनऊ।

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर दावों और पलटवारों का तूफान आ गया है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) में एक बड़ी और ऐतिहासिक टूट का दावा दोहराया है। राजभर ने साफ कहा है कि सपा में बगावत की पटकथा लिखी जा चुकी है और इसका नेतृत्व 'बागी बलिया' की धरती से आने वाला एक बड़ा चेहरा करेगा।

ब्राह्मणों के 'अपमान' से सुलग उठी बगावत की आग

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में पोस्ट करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने लिखा कि सपा में टूट की योजना तो पहले से ही तैयार थी, लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इसमें 'आग में घी' का काम कर दिया है।

राजभर के मुताबिक:

तारीख: 17 जून

घटना: सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन।

वजह: राजभर का आरोप है कि इस कार्यक्रम के नाम पर ब्राह्मण समुदाय का घोर तिरस्कार किया गया।

राजभर ने दावा किया कि इस कथित अपमान से 'बागी बलिया' की धरती से आने वाले सपा के सांसद और बड़े नेता बेहद आहत हैं। इसी आक्रोश के बाद अब बगावत की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने दोटूक कहा, "अब सपा में टूट होकर ही रहेगी।"

'सैफई खानदान' पर सीधा और तीखा हमला

सपा मुखिया अखिलेश यादव और उनके परिवार को आड़े हाथों लेते हुए राजभर ने लिखा कि जैसे ही इस संभावित टूट की राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई, पूरा 'सैफई खानदान' बौखला गया है और गाली देने व सफाई पेश करने में जुट गया है।

अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री ने नसीहत दी:

"अखिलेश बाबू को अब ट्विटर, एसी कमरों और प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली नेतागिरी छोड़कर तुरंत 'सांसद बचाओ अभियान' शुरू कर देना चाहिए।"

24 घंटे में दूसरा बड़ा धमाका, गरमाया यूपी का पारा

गौरतलब है कि राजभर ने इससे एक दिन पहले (17 जून) को भी एक बड़ा दावा करके यूपी की सियासत में खलबली मचा दी थी। उन्होंने पोस्ट किया था कि सपा में बड़ी टूट के लिए रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। राजभर के इस दावे पर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने भी तीखा पलटवार किया था।

अब राजभर के इस नए 'बलिया कनेक्शन' वाले खुलासे ने यूपी की राजनीति में सस्पेंस और गर्माहट को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि सपा इस पर क्या जवाबी रुख अपनाती है।