नई दिल्ली/कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले चुनाव आयोग (ECI) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच टकराव चरम पर पहुँच गया है। बुधवार, 8 अप्रैल को दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन' में हुई एक संक्षिप्त मुलाकात के बाद TMC सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर अभद्र व्यवहार और अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा विवाद? (SIR और वोटर लिस्ट)

विवाद की मुख्य वजह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया है।

TMC का दावा: पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। पार्टी का कहना है कि 60 लाख संदिग्ध नामों में से 27 लाख नाम जानबूझकर काटे गए हैं, जिससे राज्य की कुल मतदाता संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है।

अधिकारियों पर सवाल: टीएमसी ने 6 ऐसे अधिकारियों की सूची सौंपी है जिन पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप है।

मुलाकात में क्या हुआ? (दो अलग-अलग पक्ष)

TMC का पक्ष (डेरेक ओ'ब्रायन का दावा): सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह मीटिंग केवल 7 मिनट चली।

"मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमसे कहा— 'गेट लॉस्ट' (Get Lost)। हमने उन्हें 9 पत्र लिखे और 6 उदाहरण दिए, लेकिन उन्होंने सुनने के बजाय हमें बाहर जाने को कह दिया। यह एक संवैधानिक संस्था की गरिमा के खिलाफ है। हम चुनौती देते हैं कि चुनाव आयोग इस मीटिंग का ऑडियो या वीडियो सार्वजनिक करे।"

चुनाव आयोग का पक्ष (सूत्रों के अनुसार): दूसरी ओर, आयोग के सूत्रों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सांसद डेरेक ओ'ब्रायन मीटिंग के दौरान चिल्ला रहे थे और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने तक नहीं दिया। आयोग ने उनसे मर्यादा बनाए रखने का अनुरोध किया था।

आयोग की 'दो टूक' और 'स्ट्रेट टॉक'

इस हंगामे के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक संदेश जारी किया, जिसे 'ECI's Straight-talk to Trinamool Congress' नाम दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया:

इस बार बंगाल में चुनाव भय मुक्त, हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त होंगे।

आयोग किसी भी तरह की बूथ जामिंग या सोर्स जामिंग (वोटरों को रोकने की प्रक्रिया) को बर्दाश्त नहीं करेगा।

निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में रिकॉर्ड 483 अधिकारियों का तबादला किया गया है।

विपक्ष का रुख: 'लाइक माइंडेड' पार्टियों की बैठक

सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने यह भी घोषणा की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिए गए हैं। इस मुद्दे पर आज शाम 5 बजे 'कांस्टीट्यूशन क्लब' में विपक्षी दलों की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है।

बंगाल चुनाव की मुख्य तारीखें:

पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 (152 सीटें)

दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 (142 सीटें)

नतीजे: 4 मई 2026