शिमला/नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा गुरुवार (5 मार्च) को नामांकन के समय करेगी। मुख्यमंत्री ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि इस बार चुनाव को लेकर न तो कोई सस्पेंस है और न ही किसी प्रकार का डर।

'पिछली बार जैसी गलती नहीं दोहराई जाएगी'

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पिछले राज्यसभा चुनाव के कड़वे अनुभवों को याद करते हुए विपक्षी खेमे को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "इस बार लोकतंत्र को पिछली बार की तरह बेचा नहीं जाएगा।" गौरतलब है कि फरवरी 2024 में हुए चुनाव में कांग्रेस के पास 40 विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने के बावजूद, क्रॉस वोटिंग के कारण पार्टी के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए थे। तब बीजेपी के हर्ष महाजन ने नाटकीय ढंग से जीत दर्ज की थी।

समीकरण और सस्पेंस: कांग्रेस बनाम बीजेपी

वर्तमान में 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में आंकड़ों का गणित कांग्रेस के पक्ष में है:

कांग्रेस: 40 विधायक

बीजेपी: 28 विधायक

हालांकि, बीजेपी ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे तभी अपना प्रत्याशी उतारेंगे यदि कांग्रेस किसी 'बाहरी' (हिमाचल से बाहर के) व्यक्ति को उम्मीदवार बनाती है।

कल होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक

रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए 5 मार्च को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसी दिन नामांकन का अंतिम समय भी है, जिससे पहले उम्मीदवार के नाम पर मुहर लग जाएगी।

उम्मीदवारों की रेस में ये नाम हैं सबसे आगे

कांग्रेस के भीतर कई दिग्गजों के नामों पर मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य दावेदारों में शामिल हैं:

दिग्गज नेता: पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा।

क्षेत्रीय और रणनीतिक चेहरे: स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, आशा कुमारी, रजनी पाटिल और एडवोकेट जनरल अनूप रतन।

युवा और सलाहकार: मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार गोकुल बुटैल, सुनील बिट्टू और युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी।

विशेष रूप से निगम भंडारी का नाम हाल ही में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आया है। अब देखना यह होगा कि हाईकमान किसी स्थानीय चेहरे पर दांव खेलता है या किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता को शिमला से दिल्ली भेजने की तैयारी है।