नई दिल्ली। अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किए जाने के सवाल पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने स्पष्ट किया कि वे सार्वजनिक मंचों पर वही सिद्धांत साझा करती हैं, जिन्हें उन्होंने अपने जीवन में उतारा है और जो उनके परिवार के बच्चों को सिखाए जाते हैं।

ट्रोलिंग पर जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि जिस तरह से वे अपनी ज़िंदगी जीती हैं और जो मूल्य अपने परिवार को देती हैं, वही उनकी सफलता, सम्मान, रुतबे और शोहरत का मूल आधार हैं।

"मेरी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं"

कंगना रनौत ने कहा कि वे किसी के लिए भी दोहरे मानदंड नहीं रखतीं:

"मैं दूसरे लोगों के बच्चों के लिए भी उन्हीं सिद्धांतों की वकालत करती हूँ जो अपने घर के बेटे-बेटियों को सिखाती हूँ। ऐसा नहीं है कि मेरे परिवार के लिए नियम अलग हैं और बाकी लोगों के लिए अलग। अगर आपको इस पर कोई आपत्ति है, तो आप अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं और देखें कि ज़िंदगी में आप कहाँ पहुँचते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने केवल वही अनुभव साझा किए हैं जो उनके लिए कारगर साबित हुए हैं। अगर किसी को ये बातें सही लगती हैं तो अपनाएं, वरना अपनी इच्छा अनुसार रास्ता चुनें।

"कॉकरोच" कहने वाले प्रदर्शनकारियों और रील्स पर जताई नाराजगी

अपने पूर्व बयानों और हालिया विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने बेहद सख्त रुख अपनाया:

सांस्कृतिक विविधता का हवाला: "भारत अलग-अलग तरह के खूबसूरत और शालीन लोगों का देश है, जो सांस्कृतिक समझ से जुड़े हैं। लेकिन जो लोग खुद को 'कॉकरोच' कहते हैं, वे उसी तरह दिखते और बर्ताव भी करते हैं। वे केवल दुनिया के सामने गंदगी और बदसूरती ही पेश कर रहे हैं।"

डिजिटल डिटॉक्स का फैसला: सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ चल रहे रील्स और वीडियो से परेशानी जताते हुए कंगना ने कहा कि इन सब चीजों को देखकर वे मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुकी हैं और अब उन्हें मानसिक शांति के लिए 'डिजिटल डिटॉक्स' और रिकवरी की सख्त जरूरत है।

अपनी इस टिप्पणी में कंगना ने प्रदर्शनों में शामिल कुछ हिंदू महिलाओं को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिससे विवाद और गहरा गया है।