विशेष संवाददाता, इंदौर
इंदौर। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इंदौर विधानसभा-1 के एक कार्यक्रम का उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कुछ मुस्लिम नागरिकों द्वारा हिंदुओं को 'काफिर' कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। विजयवर्गीय ने दो टूक कहा कि अगर कुछ लोगों की नजर में हम काफिर हैं, तो उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों और योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए।
सड़क निर्माण के भूमि पूजन में कही यह बात
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने निर्वाचन क्षेत्र इंदौर-1 में एक सड़क निर्माण कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र की जनसांख्यिकी और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
"यहाँ सड़क बन रही है और इस इलाके में हिंदू भाई भी रहते हैं और मुसलमान भाई भी। लेकिन कुछ मुस्लिम भाई हमें 'काफिर' कहते हैं। मेरा यह कहना है कि हम अगर काफिर हैं, तो फिर मुस्लिम भाइयों को हमारे द्वारा बनाई गई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए।"
'लाडली बहना योजना' के पैसे पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट मंत्री ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में धर्म के आधार पर भेदभाव न होने का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों में भी सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडली बहना योजना' की राशि नियमित रूप से जा रही है।
विजयवर्गीय ने कहा, "मुस्लिमों के घरों में भी लाडली बहना योजना का पैसा आ रहा है। अगर हम काफिर हैं, तो यह पैसा भी मत लो। इसके बावजूद सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा वो लोग लेते हैं और हमारी सरकार ने इस पर कभी ऐतराज नहीं जताया। ऐसा इसलिए क्योंकि हम वैसी संकीर्ण सोच नहीं रखते, जैसी कुछ मुस्लिम भाई हमारे बारे में रखते हैं।"
"वोट दें या न दें, हम भेदभाव नहीं करते"
विवादित रुख के बीच विजयवर्गीय ने अपनी पार्टी की विचारधारा का बचाव करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र पर काम करती हैं।
उन्होंने मंच से स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी विकास कार्यों में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। विजयवर्गीय ने कहा, "मुस्लिम भाई आप हमें वोट दें या न दें, हमारा काम जनता की सेवा करना है। यह सेवा लगातार जारी रहेगी और इसका लाभ समाज के हर तबके को बिना किसी पक्षपात के मिलता रहेगा, क्योंकि भाजपा सभी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।"
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, विपक्ष हमलावर
वीडियो के सामने आने के बाद से ही मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है। एक तरफ जहां भाजपा समर्थक इसे तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इसे समाज को बांटने वाला और संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ दिया गया बयान बताया है। फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है।





