नई दिल्ली:
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ राजनीतिक रणनीति तैयार करने और विपक्षी एकजुटता को धार देने के लिए सोमवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में 'INDIA' गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कुल 25 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने शिरकत की। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बैठक में वर्चुअली जुड़े।
पार्टी सांसदों के बीच फूट की अटकलों को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी बैठक में मजबूती से मौजूद रहे। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने ममता बनर्जी की आक्रामक राजनीति की सराहना करते हुए उन्हें 'शेरनी' कहकर संबोधित किया।
लेफ्ट की शिकायत पर राहुल गांधी ने पेश की सफाई
बैठक के दौरान गठबंधन के आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए। लेफ्ट (वामपंथी) पार्टियों ने कांग्रेस पर सीधा और तीखा आरोप लगाया कि चुनावी रैलियों में उन्हें बीजेपी की 'बी-टीम' के रूप में पेश किया जाता है। वामपंथी नेताओं ने कहा कि हमारे लिए यह दुष्प्रचार किया गया कि हम बीजेपी से मिले हुए हैं, इसीलिए केंद्रीय एजेंसियां हम पर रेड नहीं करतीं।
इस गंभीर आरोप पर राहुल गांधी ने तुरंत मोर्चा संभाला और सफाई देते हुए कहा:
"यह हमारा राष्ट्रीय गठबंधन है। राज्य के स्तर पर होने वाले चुनावों में कुछ स्थानीय और चुनावी मजबूरियां हो सकती हैं। चुनाव के समय राज्य के नेता जो ब्रीफिंग देते हैं, उसी आधार पर बोलना पड़ता है।"
राहुल गांधी ने आगे कहा कि यदि आपस में चर्चा करके इसके समाधान का कोई मैकेनिज्म (तंत्र) निकल सके, तो उसे तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी लेफ्ट नेता से व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि वे सभी का सम्मान करते हैं; इसलिए ऐसे बयानों को केवल राजनीतिक माना जाए, व्यक्तिगत नहीं।
तालमेल की कमी और 'नियमित बैठकों' पर उठे सवाल
बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने गठबंधन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने कहा कि 'INDIA' ब्लॉक में आंतरिक तालमेल की भारी कमी है। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि गठबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित अंतरालों पर ऐसी बैठकें आयोजित की जानी चाहिए, जो फिलहाल नहीं हो पा रही हैं।
DMK को वापस लाने की मांग, TVK पर सस्पेंस
बैठक में लेफ्ट समेत कई दलों ने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) को दोबारा गठबंधन में शामिल करने की पुरजोर वकालत की। नेताओं का तर्क था कि चाहे देश में परिसीमन (Delimitation) का मुद्दा हो, धर्मनिरपेक्षता (Secularism) की बात हो या बीजेपी का पुरजोर विरोध करना हो, डीएमके ने हमेशा एक मजबूत और स्पष्ट स्टैंड लिया है। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि टीएमसी का एक बड़ा धड़ा संसद में सरकार के पक्ष में वोट करता है और डीएमके नाराज होकर वॉकआउट या अबस्टेन (महानिषेध) करती है, तो विपक्ष के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। वहीं, तमिल अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को गठबंधन में लाने पर कांग्रेस ने फिलहाल कोई चर्चा नहीं की; दोनों दलों के मामले पर अब अलग से बात होगी।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप— 'बंगाल का चुनाव चोरी हुआ'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में हालिया बंगाल विधानसभा चुनाव का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल का चुनाव पूरी तरह से 'चोरी' किया गया था। चुनाव के दौरान पैरामिलिट्री फोर्सेस (अर्धसैनिक बलों) और केंद्रीय जांच एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल हुआ, जो आज भी बदस्तूर जारी है। उन्होंने 'INDIA' गठबंधन के नेताओं से मांग की कि वे इस पूरी सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए विपक्षी सांसदों का एक साझा प्रतिनिधिमंडल (Delegation) बंगाल भेजें।
'कॉकरोच जनता पार्टी' और जेन-जी (Gen-Z) का गुस्सा
बैठक के अंत में कुछ नेताओं द्वारा युवाओं और सोशल मीडिया पर चर्चित टर्म 'कॉकरोच जनता पार्टी' का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर वरिष्ठ नेताओं ने सहमति जताई कि इस ट्रेंड पर गंभीर सियासी नजर रखनी होगी और उसी के अनुरूप कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ आज की नई पीढ़ी यानी 'जेन-जी' (Gen-Z) के गहरे गुस्से और असंतोष को दर्शाता है।





