तिरुवनंतपुरम: केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है। सोमवार को पार्टी ने 47 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी। इस सूची में अनुभवी दिग्गजों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और युवाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिल रहा है। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को लेकर हुई है, जो नेमोम सीट से चुनावी ताल ठोकेंगे।
प्रमुख सीटों पर 'हाई-प्रोफाइल' मुकाबले
भाजपा ने राज्य की महत्वपूर्ण सीटों पर अपने सबसे कद्दावर चेहरों को उतारा है:
के. सुरेंद्रन: मंजेश्वर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
वी. मुरलीधरन: पूर्व केंद्रीय मंत्री कझाकूटम से उम्मीदवार बनाए गए हैं।
नव्या हरिदास: कोझिकोड उत्तर से मैदान में हैं। हाल ही में वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी के खिलाफ चर्चा में रहीं नव्या पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है।
सोभा सुरेंद्रन: पलक्कड़ सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगी।
पद्मजा वेणुगोपाल: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आईं पद्मजा को त्रिशूर से टिकट दिया गया है।
भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची: एक नजर में
| विधानसभा संख्या | निर्वाचन क्षेत्र | उम्मीदवार |
|---|---|---|
| 1 | मंजेश्वर | श्री के. सुरेंद्रन |
| 11 | कन्नूर | श्री सी. रघुनाथ |
| 27 | कोझिकोड उत्तर | श्रीमती नव्या हरिदास |
| 56 | पलक्कड़ | श्रीमती सोभा सुरेंद्रन |
| 67 | त्रिशूर | श्रीमती पद्मजा वेणुगोपाल |
| 100 | कांजीरापल्ली | एडवोकेट जॉर्ज कुरियन |
| 101 | पूंजार | श्री पी.सी. जॉर्ज |
| 110 | चेंगन्नूर | श्री एम.वी. गोपकुमार |
| - | नेमोम | श्री राजीव चंद्रशेखर |
"विकास ही हमारा एजेंडा" – राजीव चंद्रशेखर
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पार्टी का विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
"हमारा पूरा ध्यान विकास और जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर रहेगा। कांग्रेस और माकपा (CPIM) जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करेंगी, लेकिन हम अगले 23 दिनों तक केवल सकारात्मक राजनीति और विकास के रोडमैप के साथ लोगों के बीच जाएंगे।"
चुनावी कार्यक्रम: महत्वपूर्ण तारीखें
केरलम की 140 सीटों पर होने वाले इस महामुकाबले का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
अधिसूचना जारी: 16 मार्च 2026
नामांकन की अंतिम तिथि: 23 मार्च 2026
मतदान की तारीख: 9 अप्रैल 2026 (एक चरण में)
चुनावी नतीजे: 4 मई 2026
निष्कर्ष
भाजपा की इस सूची से स्पष्ट है कि पार्टी दक्षिण के इस दुर्ग को फतह करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पूर्व सैनिकों (मेजर रवि), अधिवक्ताओं और अनुभवी नेताओं को मौका देकर भाजपा ने समाज के हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। अब सबकी नजरें एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के प्रत्याशियों पर टिकी हैं।





