श्रीनगर / नई दिल्ली:
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों द्वारा दो गैर-स्थानीय निर्दोष मजदूरों की कायराना हत्या के बाद पूरे देश में गहरा आक्रोश है। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रोजी-रोटी कमाने आए बेगुनाह नागरिकों की हत्या की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, विपक्षी नेताओं और सामाजिक-धार्मिक प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। इस जघन्य वारदात के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा व्यवस्था और इसके समय (टाइमिंग) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
"क्या यह राज्य का दर्जा रोकने की साजिश है?" — फारूक अब्दुल्ला व उपमुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एक यक्ष प्रश्न उठाते हुए कहा:
"हमें यह भी नहीं पता कि मजदूरों को किसने और कैसे मारा। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि कातिल कौन हैं। आखिर जब भी हम जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग तेज करते हैं, तभी ऐसी घटनाएं क्यों सामने आती हैं?"
इस सुर में सुर मिलाते हुए जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सुरक्षा में हुई भारी चूक पर सीधा सवाल दागा। उन्होंने कहा कि जब अमरनाथ यात्रा के चलते पूरा सुरक्षा तंत्र 'हाई अलर्ट' पर है, तब आतंकी वारदात को अंजाम देकर फरार कैसे हो गए? इसका जवाब पुलिस महानिदेशक (DGP) और सुरक्षा एजेंसियों को देना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की अपील की है।
"हमलावरों की यह हरकत शर्मनाक और घिनौनी" — सीएम उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जो लोग अपनी आजीविका कमाने यहां आए थे, उन्हें निशाना बनाना कायराना हरकत है। उन्होंने कहा कि हालांकि वित्तीय मदद से पीड़ित परिवारों का गम कम नहीं हो सकता, लेकिन सरकार हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ी है।
"आतंकवाद के खिलाफ देश एकजुट" — राहुल व प्रियंका गांधी
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा): "यह हमला बेहद दुखद और घिनौना है। आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़ा है।"
प्रियंका गांधी (कांग्रेस सांसद): "पहचान करके गरीब मजदूरों की हत्या करना अमानवीयता की पराकाष्ठा है। दोषियों को तुरंत पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।"
कानून-व्यवस्था केंद्र के अधीन, प्रभावी कदम उठाए जाएं: जावेद राणा
जम्मू-कश्मीर सरकार के मंत्री जावेद राणा ने कहा कि चूँकि राज्य में कानून-व्यवस्था का सीधा नियंत्रण केंद्र सरकार के पास है, इसलिए भारत सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कीमत पर निर्दोष नागरिकों की जान नहीं जानी चाहिए।
"बेगुनाहों का कत्ल इस्लाम के उसूलों के खिलाफ" — मीरवाइज उमर फारूक
मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी मोहम्मद उमर फारूक ने भी इस जघन्य हत्याकांड की सख्त शब्दों में मजम्मत की। उन्होंने कहा:
"इस्लाम हर बेगुनाह इंसान की जान की अहमियत को मानता है। ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाने आए गरीब मजदूरों की हत्या करना इस्लाम की तालीम और इंसानियत के बुनियादी मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है।"





