मुंबई/अमृतसर:

महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन अपने एक विवादित बयान को लेकर चौतरफा घिर गए हैं। अमृतसर में 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की 42वीं बरसी के कार्यक्रम में शामिल होने गए महाजन ने इस सैन्य अभियान को 'काला दिन' करार देते हुए इसमें मारे गए लोगों को 'बलिदानी' और 'शहीद' बता दिया। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की सियासत गरमा गई है और विपक्ष ने इसे भारतीय सेना का घोर अपमान बताते हुए महाजन के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है।

दमदमी टकसाल के मंच से सेना की 'अब्दाली' से तुलना

गिरीश महाजन देश के किसी भी राज्य सरकार के पहले ऐसे आधिकारिक प्रतिनिधि हैं, जिन्हें सिखों की संस्था दमदमी टकसाल ने 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की बरसी पर आमंत्रित किया था। पिछले शनिवार को अमृतसर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा:

"हमारे लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार एक काला दिन है। मैं इसे महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश कहूंगा। इसमें हमारे भाई-बहन शहीद हो गए। यह हमारे पवित्र तीर्थस्थल पर एक सैन्य हमला था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जबरदस्ती सेना को पंजाब और हमारे पवित्र स्थान पर भेजा।"

विवाद तब और बढ़ गया जब महाजन ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली भारतीय सेना की तुलना अफगान आक्रमणकारी अहमदशाह अब्दाली की सेना से कर डाली।

क्या था 'ऑपरेशन ब्लू स्टार'?

समय: 1 से 10 जून, 1984

उद्देश्य: स्वर्ण मंदिर परिसर (हरिमंदिर साहिब) में छिपे दमदमी टकसाल के नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले और अन्य सशस्त्र आतंकवादियों को बाहर निकालना।

असर: इस सैन्य कार्रवाई में भारी जनहानि हुई और बाद में यही ऑपरेशन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की वजह भी बना।

विपक्ष का तीखा हमला: अजीत डोवाल पर भी घिरे महाजन

विपक्षी दलों ने महाजन के इस बयान को हाथों-हाथ लेते हुए भाजपा की 'देशभक्ति' पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

1. कांग्रेस का सवाल: "क्या अजीत डोवाल को पद से हटाएंगे?"

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे भारतीय सैनिकों का सीधा अपमान बताया। उन्होंने कहा, "मंत्री को देश की जनता और सेना से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।" सपकाल ने कड़ा तंज कसते हुए पूछा कि क्या महाजन वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल की भी आलोचना करेंगे, जो उस समय इस मिलिट्री ऑपरेशन के खुफिया अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल थे? क्या भाजपा उन्हें पद से हटाएगी?

2. संजय राउत की दो टूक: "महाजन को तुरंत कैबिनेट से निकालें"

शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा:

"अगर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री में रत्ती भर भी देशभक्ति बची है, तो गिरीश महाजन को तुरंत मंत्रिमंडल और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। जो लोग ऑपरेशन ब्लू स्टार को काला दिन बताते हैं, वे देशद्रोही हैं। इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने और आतंकवाद को कुचलने के लिए यह कड़ा कदम उठाया था ताकि पंजाब भारत का हिस्सा बना रहे।"

सियासी घमासान पर एक नजर

नेता / पार्टीबयान / स्टैंडमांग
गिरीश महाजन (BJP)ऑपरेशन को 'साजिश' बताया, सेना की तुलना अब्दाली से की।स्वर्ण मंदिर पर हमले को गलत ठहराया।
हर्षवर्धन सपकाल (कांग्रेस)भारतीय जवानों की शहादत का अपमान।देश और सेना से बिना शर्त माफी की मांग।
संजय राउत (शिवसेना UBT)देश की अखंडता के लिए जरूरी था ऑपरेशन।कैबिनेट से तुरंत बर्खास्तगी की मांग।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब गेंद भारतीय जनता पार्टी के पाले में है। जहां एक तरफ भाजपा हमेशा राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आक्रामक रहती है, वहीं अपनी ही सरकार के एक कद्दावर मंत्री के इस बयान ने पार्टी को बैकफुट पर धकेल दिया है।