मुंबई:

केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपे जाने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। राउत ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं दी जानी चाहिए, जिसका शिक्षा क्षेत्र से कोई जुड़ाव न रहा हो।

'कोयला मंत्री को शिक्षा मंत्री बना दिया': संजय राउत पत्रकारों से चर्चा करते हुए संजय राउत ने कहा, "प्रह्लाद जोशी हमारे पुराने मित्र रहे हैं, लेकिन उन्हें कोयला मंत्री ही रहने दिया जाना चाहिए था। अब आपने कोयला मंत्री को शिक्षा मंत्री बना दिया है। जिसका शिक्षा क्षेत्र से कभी कोई वास्ता ही नहीं रहा, उसे यह जिम्मेदारी देने का क्या औचित्य है? प्रधानमंत्री को समझना चाहिए कि वे किसे किस पद पर नियुक्त कर रहे हैं।"

'फडणवीस हो सकते हैं बेस्ट एजुकेशन मिनिस्टर' संजय राउत ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि वे इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। राउत ने कहा, "मैंने पहले भी कहा था और अब भी कह रहा हूँ कि देवेंद्र फडणवीस एक पढ़े-लिखे नेता हैं और वे देश के बेहतरीन शिक्षा मंत्री साबित हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने खुद उनसे दिल्ली आने को कहा था, तो फिर देर किस बात की है? ऐसे पढ़े-लिखे लोगों को ही शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए।"

बीजेपी पर तीखे प्रहार और छात्रों का समर्थन बातचीत के दौरान संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए उसे 'झूठ की खान' करार दिया। इसके साथ ही, छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई तुरंत रोकनी चाहिए।

राउत ने तंज कसते हुए कहा, "सरकार का कहना है कि आपराधिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन ऐसी किसी भी कार्रवाई की शुरुआत बच्चों से करने के बजाय मोदी कैबिनेट से होनी चाहिए।"