कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार से अपने राज्यव्यापी चुनाव प्रचार अभियान का औपचारिक आगाज करने जा रही हैं। इस महा-अभियान की शुरुआत से पहले ममता रविवार शाम अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर के कार्यकर्ताओं के साथ एक रणनीतिक बैठक कर जीत का मंत्र साझा करेंगी।

रणनीति: भवानीपुर पर टिकीं सबकी नजरें

इस बार भवानीपुर विधानसभा सीट पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। सुवेंदु ने गुरुवार से ही अपना आक्रामक प्रचार शुरू कर दिया है, जिसे देखते हुए तृणमूल नेतृत्व ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है।

रविवार की 'सुपर' बैठक: जीत का रोडमैप

रविवार शाम होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में ममता के साथ पार्टी के दिग्गज नेता भी शिरकत करेंगे। बैठक की मुख्य बातें:

उपस्थिति: टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, मेयर फिरहाद हकीम, देबाशीष कुमार और भवानीपुर के सभी सात पार्षद शामिल होंगे।

बूथ मैनेजमेंट: सभी बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से बुलाया गया है ताकि अगले एक महीने की कार्ययोजना और जनसंपर्क अभियान को अंतिम रूप दिया जा सके।

विकास कार्ड: पार्टी का लक्ष्य ममता सरकार द्वारा किए गए कार्यों को हर घर तक पहुँचाना है।

अभिषेक बनर्जी भी संभालेंगे कमान

ममता बनर्जी के साथ-साथ उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी सोमवार से ही प्रचार के मैदान में उतरेंगे। ममता और अभिषेक की यह जोड़ी राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैलियों और रोड-शो के जरिए तृणमूल के पक्ष में लहर बनाने की कोशिश करेगी।

चुनावी कार्यक्रम: भवानीपुर का रण

बंगाल चुनाव के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए भवानीपुर में मतदान के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। दक्षिण कोलकाता जिला तृणमूल सूत्रों के अनुसार, रविवार की बैठक से पार्टी कैडर को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल जाएंगे कि सुवेंदु अधिकारी की चुनौती का सामना कैसे करना है।

एक नजर में मुकाबला

पैमानाविवरण
मुख्य उम्मीदवारममता बनर्जी (TMC) बनाम सुवेंदु अधिकारी (BJP)
प्रचार की शुरुआतसोमवार (राज्यव्यापी)
रणनीतिक बैठकरविवार शाम, भवानीपुर
मतदान की तिथि29 अप्रैल, 2026

निष्कर्ष: भवानीपुर में कांटे की टक्कर को देखते हुए ममता बनर्जी कोई भी कसर बाकी नहीं रखना चाहती हैं। रविवार की बैठक न केवल भवानीपुर बल्कि पूरे बंगाल के लिए तृणमूल की चुनावी दिशा तय करेगी।