नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस द्वारा दिल्ली में निकाले गए मार्च के बाद अब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी खुलकर प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है। शुक्रवार (24 जुलाई) को पहली बार इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने सीधे केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए।
"शिक्षा मंत्री को बचाने में क्यों जुटी है सरकार?"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने से क्यों भाग रही है?
"अगर लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के आरोपी जवाबदेही से बचते रहेंगे, तो सरकार असल में किसकी रक्षा कर रही है? देश भर के युवाओं द्वारा उठाए जा रहे जायज़ सवालों का जवाब देने के बजाय केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए इतनी बेताब क्यों है?" — ममता बनर्जी
दमनकारी कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज
प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से न्याय माँग रहे युवाओं पर बल प्रयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
बर्बरता और हिंसा: छात्रों पर बेदर्दी से लाठियाँ बरसाई गईं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
इमरजेंसी जैसे हालात: आखिर केंद्र सरकार एक लोकतांत्रिक आंदोलन से इतनी डरी हुई क्यों है कि जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएँ ठप कर दी गईं?
कड़े कानूनों का दुरुपयोग: हक की आवाज़ उठाने वाले छात्रों को एहतियातन हिरासत में लेने के लिए कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसी धाराओं का सहारा लिया जा रहा है।
27 जुलाई को जंतर-मंतर पहुँचेंगी ममता बनर्जी
इस छात्र आंदोलन को अब विपक्ष का भारी समर्थन मिल रहा है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि वह 27 जुलाई को नई दिल्ली आएंगी और जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगी।
छात्रों के समर्थन में पहली बार इतनी मुस्तैदी से सामने आईं ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्तृत बयान जारी कर केंद्र सरकार की मंशा पर कई गंभीर सवाल उठाए।
‘यह हर युवा के भविष्य को बचाने की लड़ाई है’, भारत के भविष्य की लड़ाई है'
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा अब केवल NEET परीक्षा में हुई धांधली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के हर युवा भारतीय के भविष्य और अस्तित्व को बचाने की जंग बन चुका है। उन्होंने छात्रों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ पूरी मुस्तैदी से खड़ा है और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग या डराने-धमकाने की कोशिशों के आगे झुकने वाला नहीं है।
ममता बनर्जी ने देश के युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस अन्याय के खिलाफ छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा:
"यह लड़ाई केवल NEET घोटाले में न्याय पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर युवा भारतीय के भविष्य और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है। मैं लाठियों, डर और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आगे न झुकने वाले छात्रों के अटूट जज्बे को सलाम करती हूँ।"
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद और ममता बनर्जी के 27 जुलाई को दिल्ली आगमन के ऐलान से NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव और अधिक बढ़ता नजर आ रहा है।





