भोपाल: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) में सांगठनिक विस्तार और मजबूती का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पार्टी ने 'भाजपा अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा' के जिला प्रभारियों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। इस नई सूची के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न रणनीतिक जिलों में नए और ऊर्जावान प्रभारियों की नियुक्तियां की गई हैं।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की अनुशंसा पर संगठन को निचले स्तर तक सक्रिय करने के उद्देश्य से ग्रामीण और नगरों को मिलाकर कुल 62 अनुसूचित जाति मोर्चा प्रभारियों को यह बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बूथ स्तर को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने पर फोकस

भारतीय जनता पार्टी इस सांगठनिक फेरबदल और नई नियुक्तियों के जरिए सीधे बूथ स्तर तक अपनी पकड़ को और पुख्ता करने में जुट गई है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावों के मद्देनजर इस सूची को बेहद अहम माना जा रहा है।

पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि:

सांगठनिक गतिशीलता: नए और समर्पित पदाधिकारियों के मैदान में उतरने से जमीनी स्तर पर सांगठनिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

जनाधार का विस्तार: इस वर्ग केंद्रित मोर्चे की सक्रियता से अनुसूचित जाति वर्ग के बीच पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार तेजी से होगा और भाजपा का जनाधार और अधिक सुदृढ़ होगा।

कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह, नए सिरे से कसी कमर

पार्टी मुख्यालय द्वारा आधिकारिक सूची जारी होने के बाद से ही संबंधित जिलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर पर नए प्रभारियों का स्वागत शुरू हो चुका है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल की नई सांगठनिक टीम हर वर्ग और मोर्चे को संतुलित करते हुए आगे बढ़ रही है। एससी मोर्चा के इन 62 प्रभारियों की तैनाती से आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के दलित बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा की सक्रियता और अधिक आक्रामक होने की उम्मीद है।