नई दिल्ली:

इंटरनेट मीडिया से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन अब विवादों के घेरे में आ गया है। कहने को तो यह आंदोलन 'नीट (NEET) पेपर लीक' के विरोध में छात्रों के हक की आवाज़ उठाने के लिए शुरू हुआ था, लेकिन अब इस मंच का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के साथ-साथ कई अत्यंत विवादित और असामाजिक तत्वों द्वारा अपने-अपने राजनीतिक और देशविरोधी एजेंडे को चमकाने के लिए किया जा रहा है।

विवादित चेहरों और विरोधी तत्वों का जमावड़ा

जंतर-मंतर पर CJP के इस मंच से लगातार ऐसे लोग जुड़ रहे हैं जिन पर गंभीर आरोप हैं:

सिमी (SIMI) का संस्थापक: दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद के पिता और प्रतिबंधित संगठन 'स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया' (SIMI) के संस्थापक सैयद कासिम रसूल इलियास ने इस मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। प्रदर्शन स्थल पर खालिद के समर्थकों का भी बड़ा जमावड़ा देखा जा रहा है।

अरुंधति रॉय की मौजूदगी: विवादित लेखिका अरुंधति रॉय भी इस मंच का हिस्सा बनीं। गौरतलब है कि रॉय ने वर्ष 2010 में कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके चलते हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल ने उन पर UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।

आतंकी पन्नू से कनेक्शन की आशंका: प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसकी CJP पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई है और उसने संस्था को वित्तीय मदद की घोषणा भी की है। इससे आंदोलन के पीछे विदेशी शक्तियों की साजिश के आरोप और गहरे हो गए हैं।

आस्था पर चोट और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान

प्रदर्शन के दौरान मंच से कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक उड़ाया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि CJP के किसी भी पदाधिकारी या आयोजक ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की, बल्कि भीड़ तालियाँ बजाती रही। मंच के आसपास मौजूद भीड़ द्वारा उकसाने वाले और अपमानजनक नारे भी लगाए जा रहे हैं, जिसकी इंटरनेट मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है।

हिंसा भड़काने की कोशिश, छात्रों ने खींचे हाथ

प्रदर्शन में असामाजिक तत्वों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की घुसपैठ के कारण माहौल हिंसक होता जा रहा है। उपद्रवियों द्वारा छात्रों को भड़काकर पुलिस पर हमले कराने की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

छात्रों का किनारा: मंच के बिगड़ते माहौल, राष्ट्र विरोधी बयानों और धार्मिक भावनाओं के अपमान को देखते हुए वास्तविक छात्रों और उनके परिजनों ने इस प्रदर्शन से दूरी बना ली है। चौतरफा घिरने के बाद आयोजकों ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है कि प्रदर्शन में बाहरी असामाजिक तत्वों को भेजा गया है।

आयोजकों के अतीत पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल

CJP के कर्ता-धर्ताओं की पृष्ठभूमि भी अब जाँच और विरोध के दायरे में है:

अभिजीत दीपके: संस्था के सर्वेसर्वा अभिजीत दीपके के पुराने ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं, जिनमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का कड़ा विरोध किया था।

अर्पित शर्मा: संस्था से जुड़े और लंदन में रहने वाले अर्पित शर्मा के खिलाफ नेपाल के 'जेन-जी आंदोलन' को भारत से जोड़ने वाले विवादित वीडियो के सिलसिले में बुलंदशहर में मामला दर्ज हो चुका है।

सीजेपी के इस मंच से जिस प्रकार धार्मिक भावनाओं को आहत करने और देश की अखंडता को चुनौती देने वाले प्रयास हो रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि छात्रों के मुद्दों की आड़ में एक नया राजनीतिक और असामाजिक एजेंडा चलाया जा रहा है।