नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देश में राजनीतिक उबाल तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने युवाओं (Gen-Z) को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि देश के छात्र अपने भविष्य के लिए आवाज उठाएं।

"बीजेपी शासित राज्यों में ही क्यों होते हैं लीक?"

केजरीवाल ने पेपर लीक की घटनाओं को 'डबल इंजन' सरकार की विफलता से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का सबसे ज्यादा प्रभाव उन्हीं राज्यों में है जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में है।

आंकड़ों का हवाला: केजरीवाल ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

सीबीआई पर सवाल: उन्होंने कहा कि 2017, 2021 और 2024 में भी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "सीबीआई उन्हीं को रिपोर्ट करती है जो पेपर लीक करा रहे हैं।"

पड़ोसी देशों का उदाहरण और आंदोलन की अपील

अरविंद केजरीवाल ने हाल के दिनों में नेपाल और बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलनों का उदाहरण देते हुए भारत के युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश की।

जेन-जी से संवाद: "अगर नेपाल और बांग्लादेश के जेन-जी सरकार बदल सकते हैं, तो भारत के युवा पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल क्यों नहीं भेज सकते?"

सीधे कार्रवाई की मांग: उन्होंने कहा कि केवल सिस्टम को कोसने से काम नहीं चलेगा। सिस्टम चलाने वालों को पहचान कर उन्हें जेल भेजना होगा।

नीट 2026: आक्रोश की इनसाइड स्टोरी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेपर लीक के पैटर्न पर भी चर्चा हुई:

नासिक-सीकर कनेक्शन: जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक से निकला और सीकर तक पहुँचा, जिसमें कई बिचौलियों ने मोटी कमाई की।

छात्रों का गुस्सा: दिल्ली में एनटीए (NTA) दफ्तर के बाहर छात्रों और छात्र संगठनों (जैसे ABVP) का प्रदर्शन लगातार जारी है।

राज्यवार प्रभाव: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के हजारों छात्र परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित हैं।

विपक्ष की अन्य मांगें

सिर्फ केजरीवाल ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं के सपनों के साथ मजाक कर रही है।

"सिस्टम अपने आप नहीं चलता, उसके पीछे लोग बैठे हैं। जब तक युवा सड़कों पर नहीं उतरेंगे, ये पेपर लीक नहीं रुकेंगे।"

अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक, AAP

नोट: सरकार ने फिलहाल मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है, लेकिन छात्रों और विपक्षी दलों की मांग एक स्वतंत्र और हाई-टेक जांच एजेंसी के गठन की है।