बिजनौर।उत्तर प्रदेश के बिजनौर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डिप्टी एसपी तंजील अहमद हत्याकांड में एडीजे कोर्ट पांच के जज डॉ. विजय कुमार तालियान ने दोषी मुनीर और रैय्यान को फांसी की सजा सुनाई है।
2 अप्रैल 2016 में पुरानी रंजिश में एनआईए के डिप्टी एसपी रहे तंजील अहमद और उनकी पत्नी को हत्यारों ने गोलियां बरसाकर छलनी कर दिया था।अत्याधुनिक हथियारों से गोली चलाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।डिप्टी एसपी के बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने सीट के नीचे घुसकर जान बचाई थी।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बाकी आरोपी तंजीम, जेनी और रिजवान को बरी करने का फैसला लिया है।इस हत्याकांड की जांच में प्रदेश के तीन आईजी इसकी जांच में जुटे थे। शुरुआत में इस हत्याकांड को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया था, हालांकि बाद में सहसपुर के ही रहने वाले मुनीर और उसके साथी रैय्यान समेत पांच लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया।
कैसे हुई थी हत्या
2 अप्रैल 2016 की रात को स्योहारा से सहसपुर अपने घर लौटते समय एनआईए डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर देशभर में बवाल मचा था कि तंजील की हत्या आतंकियों द्वारा की गई है।पुलिस ने मामले में खुलासा किया तो आरोपी मुनीर तंजील अहमद के मोहल्ले का ही रहने वाला था।मुनीर इस डबल मर्डर केस में आरोपी पाया गया। मुनीर ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर तंजील की हत्या की थी।इसके बाद पुलिस इस मामले में आरोपी मुनीर और उसके चार साथियों को जेल भेज दिया था।उसी दौरान मुनीर पर गैंगस्टर एक्ट लगाई गई थी।





