श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करने से लेकर जम्मू-कश्मीर की बदहाली के लिए पीडीपी (PDP) को जिम्मेदार ठहराने तक, अब्दुल्ला ने कई मोर्चों पर कड़ा प्रहार किया।

एग्जिट पोल: "पहले भी गलत हुए, इस बार भी होंगे"

हालिया विधानसभा चुनावों के बाद आए एग्जिट पोल, जिनमें बंगाल और असम में भाजपा की सरकार बनने की संभावना जताई गई है, उन पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "मैंने कभी इन आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया। एग्जिट पोल पहले भी कई बार धड़ाम साबित हुए हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार भी नतीजे इनके उलट होंगे।"

PDP पर तीखा प्रहार: "आर्टिकल 370 के खात्मे की जिम्मेदार"

फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A के हटने का ठीकरा सीधे तौर पर पीडीपी के सिर फोड़ा। उन्होंने कहा:

"आज जो लोग (PDP) आंसू बहा रहे हैं, दरअसल वही इन दुखों के असली जिम्मेदार हैं। उन्हीं की वजह से राज्य ने अपना विशेष दर्जा खोया। लोगों को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि यहाँ की तकलीफों की बुनियाद किसने रखी।"

पिछले राज्यसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों को वोट नहीं दिया था, जो उनकी मंशा को साफ जाहिर करता है।

उर्दू भाषा: "दिल्ली का रवैया जो भी हो, कश्मीर में यह खत्म नहीं होगी"

उर्दू भाषा की स्थिति पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने भावुक और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उर्दू हमारी सांस्कृतिक विरासत है।

अस्तित्व की लड़ाई: "राजाओं के समय फारसी थी, फिर उर्दू आई और आज भी यह हमारे जीवन का हिस्सा है। भले ही दिल्ली का उर्दू के प्रति रवैया कुछ भी हो, लेकिन जम्मू-कश्मीर में उर्दू कभी खत्म नहीं होगी।"

राय का सम्मान: उन्होंने कहा कि सरकार ने राय मांगी है और अंतिम फैसला जनता का ही होगा।

ईंधन संकट और हज यात्रा की "लाचारी"

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईंधन की कीमतों के कारण हज यात्रा के हवाई किराए में हुई वृद्धि पर अब्दुल्ला ने चिंता जताई। उन्होंने इसे वैश्विक उथल-पुथल का नतीजा बताया और कहा कि जब तक जंग नहीं रुकती, कीमतों पर लगाम लगाना "लाचारी" जैसा है।

इंजीनियर राशिद की जमानत का स्वागत

सांसद शेख अब्दुल राशिद को मिली एक हफ्ते की अंतरिम जमानत पर खुशी जताते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि यह मानवीय आधार पर एक अच्छा कदम है कि वह अपने बीमार पिता की सेहत का हाल जानने उनके पास आ सके हैं।

वहीं, इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह इन व्यक्तिगत कानूनी मामलों में शामिल नहीं होते और इसका जवाब संबंधित व्यक्ति ही बेहतर दे सकता है।

निष्कर्ष: फारूक अब्दुल्ला का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों में नेशनल कॉन्फ्रेंस न केवल केंद्र की नीतियों बल्कि अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी आक्रामक रुख बनाए रखेगी।