नागपुर / मुंबई।

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बहुत बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लिए सियासी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों पार्टी के 6 सांसदों के पाला बदलने के बाद अब खबर है कि उद्धव ठाकरे के विधायक भी बागी तेवर अपनाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उद्धव गुट के बचे हुए 20 विधायकों में से करीब 14 विधायक जल्द ही एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

हमारा कोई 'ऑपरेशन' चालू नहीं, लेकिन आने वालों का स्वागत: उदय सामंत

इस पूरे घटनाक्रम और 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच महायुति सरकार के वरिष्ठ मंत्री उदय सामंत ने नागपुर में मीडिया से बात की। ठाकरे गुट के विधायकों के साथ आने के सवाल पर सामंत ने कहा, “मैं बस यही कह रहा हूं कि महा विकास आघाड़ी (MVA) के अभी और कार्यकर्ता, नेता और आमदार (विधायक) हमारे साथ आने वाले हैं। लेकिन हमारा कोई ऑपरेशन चालू नहीं है।”

उद्धव के विधायकों के पाला बदलने की अटकलों पर उन्होंने आगे कहा:

"हम उनका स्वागत करेंगे क्योंकि उन्हें अब यह पता चल गया है कि नेतृत्व आगे जाकर उन्हें ताकत दे सकता है। अब उनको भी समझ में आया होगा कि वहीं जाना पड़ेगा, और अगर वे आने वाले हैं तो हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे।"

दिग्गज नेता विजय वडेट्टीवार के नाम पर भी सस्पेंस

सियासी गलियारों में विदर्भ के कद्दावर नेता विजय वडेट्टीवार के भी शिंदे गुट में शामिल होने की अफवाहें उड़ रही हैं। इस पर टिप्पणी करते हुए मंत्री उदय सामंत ने कहा कि वे आएंगे या नहीं, इसके बारे में उन्हें पुख्ता जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने वडेट्टीवार की तारीफ करते हुए कहा, "वह विदर्भ के एक बेहद मजबूत और ताकतवर नेता हैं। अगर वह एकनाथ शिंदे का नेतृत्व स्वीकार कर हमारे साथ आते हैं, तो उनका स्वागत है।"

संजय पाटिल विवाद पर बोले सामंत— 'मैटर यहीं खत्म हो'

शिवसेना सांसद संजय पाटिल और पत्रकारों के बीच हुई तीखी झड़प के बाद पाटिल द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने के मामले पर भी सामंत ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि संजय पाटिल एक बेहद दिलदार शख्सियत और बेहतरीन दोस्त हैं। चूंकि उन्होंने इस पूरे मसले पर अपनी बात रख दी है और माफी मांग ली है, इसलिए मीडिया से विनती है कि इस विवाद को अब यहीं खत्म कर देना चाहिए।

पलटवार: राम मंदिर SIT और उद्धव का दौरा

दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) के नेता और सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर महायुति सरकार को घेरने की कोशिश की है। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी ने राम मंदिर के लिए करोड़ों रुपए दान किए थे, लेकिन अब राम मंदिर को लेकर जो SIT गठित हुई है, उसकी जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, पार्टी में मची इस भगदड़ के बीच उद्धव ठाकरे अब बागी सांसदों के क्षेत्रों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं। इस पर तंज कसते हुए या सहज अंदाज में मंत्री उदय सामंत ने सिर्फ इतना कहा, "उद्धव जी के इस दौरे के लिए मेरी उन्हें शुभकामनाएं हैं।"

राजनीतिक विश्लेषकों का रुख:

जानकारों का मानना है कि यदि 14 विधायकों के टूटने की यह खबर सच साबित होती है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए अब तक का सबसे बड़ा सांगठनिक झटका होगा। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह का फेरबदल राज्य की चुनावी बिसात को पूरी तरह बदल कर रख देगा।