लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार को 'अलोकतांत्रिक' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद में न केवल इस प्रगतिशील बिल का विरोध किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण को रोकने के लिए गहरी साजिश भी रची।

विपक्ष की सोच 'तुच्छ', जनता सिखाएगी सबक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब देश की 'आधी आबादी' को उनका अधिकार देने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया, तब विपक्ष ने अपनी 'तुच्छ सोच' का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने परिसीमन को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया। जो भी इस पाप के भागीदार हैं, देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। मैं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से पूछना चाहता हूं कि आखिर नारी शक्ति वंदन अधिनियम से उन्हें क्या परेशानी थी, जबकि इसमें किसी का हक नहीं मारा जा रहा था?"

शाहबानो से लेकर तीन तलाक तक: कांग्रेस के 'पापों' का हिसाब

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

शाहबानो मामला: कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए शाहबानो मामले में मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा।

तीन तलाक: जब मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर महिलाओं को न्याय दिया, तब भी कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।

दोहरा मापदंड: मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि विपक्ष बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की दुहाई तो देता है, लेकिन उनके दिखाए महिला सम्मान के रास्ते पर चलने को तैयार नहीं है।

2029 में लागू होगा आरक्षण: किसी राज्य का हक नहीं छिनेगा

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जरूरी संशोधन लेकर आई है ताकि इसे 2029 में ही लागू किया जा सके। उन्होंने दक्षिणी राज्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा:

"प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने आश्वस्त किया है कि किसी भी राज्य का हक नहीं छीना जाएगा। लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी। जिस अनुपात में उत्तर और पूर्व के राज्यों में प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, उसी अनुपात में दक्षिण भारत के राज्यों में भी वृद्धि होगी।"

पीएम मोदी की 'चार जातियां' बनाम विपक्ष का 'जातिवाद'

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि देश में केवल चार प्रमुख जातियां हैं— नारी, गरीब, युवा और किसान। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग जातिवाद के नाम पर अपने परिवारों का पोषण कर देश को लूटते रहे हैं, उनके लिए मोदी सरकार का यह विजन एक बड़ी चुनौती बन गया है।

सीएम योगी ने अंत में कहा कि आज पूरा देश देख रहा है कि कैसे 'इंडिया' गठबंधन देशहित के हर कदम में 'बैरियर' बनने का काम कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधी आबादी का आक्रोश आने वाले समय में इन षड्यंत्रकारी ताकतों को जवाब देगा।