पटना: पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचकर कथित AK-47 फायरिंग में घायल हुए छात्रों का हाल जानने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि वह सरकार से कोई गुहार नहीं लगा रहे, बल्कि खुली चेतावनी दे रहे हैं कि अगर निर्दोष छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उन पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

तेजस्वी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाने की बजाय निर्दोष युवाओं पर धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 'अटेंप्ट टू मर्डर' का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

"इंसानियत मर चुकी है..." — घायलों का दर्द बयां करते हुए भावुक हुए तेजस्वी

अस्पताल में भर्ती पीड़ितों की हालत पर दुख जताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "कल हुई फायरिंग में जिन तीन लोगों को गोली लगी है, भगवान की कृपा से वे बच गए। तीनों पूरी तरह से निर्दोष हैं। एक लड़के का दिसंबर में आर्मी का एग्जाम है, उसके पैर में गोली लगी है। गोली लगने के बावजूद पुलिस ने उसे एक पैर पर दौड़ाया। यह दिखाता है कि शासन व्यवस्था में इंसानियत खत्म हो चुकी है।"

उन्होंने घायलों की पृष्ठभूमि उजागर करते हुए बताया:

पहला छात्र: जो केवल अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया था, उसे गोली मार दी गई।

दूसरा छात्र: रायबरेली का रहने वाला है, जिसका उसी दिन जन्मदिन था और वह बेकरी से केक खरीदने निकला था।

तीसरा व्यक्ति: जो एक स्थानीय दुकान में काम करता था और बेकसूर होने के बावजूद हिंसा का शिकार बना।

"लड़का रोते हुए कह रहा है कि वह देश की सीमा पर जाकर देश के लिए गोली खाना चाहता था, लेकिन उसे अपनों के बीच देश में ही गोली मारी जा रही है। क्या यह सरकार निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाएगी?"

तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष (बिहार)

सम्राट चौधरी को दी चेतावनी, पुलिस प्रशासन को दी नसीहत

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा, "जब दिल्ली में तय हो चुका है कि केस वापस लिए जाएंगे, तो फिर सम्राट चौधरी कौन होते हैं अड़ंगा लगाने वाले? वह एक सड़क छाप व्यक्ति की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्हें खुद अस्पताल आकर इन घायल छात्रों की सुध लेनी चाहिए, घर बैठने से काम नहीं चलेगा।"

तेजस्वी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने शाम तक गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया, तो सरकार पूरे बिहार में होने वाले उग्र प्रदर्शनों के लिए तैयार रहे।

इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी निष्पक्ष रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और दलबदलू या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं के इशारों पर बेकसूरों पर कार्रवाई करने से बचना चाहिए।