गुवाहाटी/कोकराझार | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम की धरती से विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोकराझार की जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कांग्रेस को 'झूठे वादों की दुकान' करार दिया और राज्य के विकास के लिए 'डबल इंजन' सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। खराब मौसम के कारण कोकराझार न पहुँच पाने पर उन्होंने जनता से भावुक माफी भी मांगी।
कांग्रेस के '4 सुपर झूठ' और फूट डालो की राजनीति
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इरादा कभी वादे पूरे करने का नहीं होता। उन्होंने कहा:
झूठ का उपहार: प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को '4 सुपर झूठ' उपहार में देती है और उन्हें केवल कागजी समझौतों में उलझाए रखती है।
विभाजनकारी नीति: पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए समुदायों के बीच फूट डाली, जबकि एनडीए सरकार ने सबको साथ लेकर चलने का काम किया है।
बोडोलैंड: बम-बंदूक की गूंज से शांति के अध्याय तक
अतीत की याद दिलाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कोकराझार और बोडोलैंड ने दशकों तक हिंसा और अस्थिरता का दंश झेला है।
"एक समय था जब यहाँ बम और बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी, लेकिन आज बोडोलैंड शांति और विकास के रास्ते पर चल पड़ा है। ऐतिहासिक बोडो शांति समझौते ने यहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं।"
₹4,500 करोड़ की सौगात: इंफ्रास्ट्रक्चर को नई उड़ान
विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
सड़कों का जाल: इनमें से 1,100 करोड़ रुपये विशेष रूप से बोडोलैंड की सड़कों को आधुनिक बनाने के लिए खर्च किए जाएंगे।
असम माला अभियान: प्रधानमंत्री ने बताया कि 'असम माला' अभियान के तीसरे चरण से राज्य की रोड कनेक्टिविटी अब और भी सशक्त हो गई है।
विरासत और विकास का संगम
पीएम मोदी ने बोडो समुदाय की समृद्ध संस्कृति और भाषा के संरक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद असम के विकास के जरिए जनता के प्यार का 'कर्ज' चुकाना है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बीजेपी-एनडीए की सरकार असम की सांस्कृतिक विरासत को बचाने और यहाँ की प्रगति को तेज करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल आगामी राजनीतिक दिशा तय करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर, विशेषकर असम को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित है।





