तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद आखिरकार कांग्रेस ने सस्पेंस खत्म करते हुए वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है। गुरुवार दोपहर हुई इस घोषणा के साथ ही केरल की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सतीशन के चयन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि पार्टी ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के दबाव में आकर घुटने टेक दिए हैं।
वेणुगोपाल को पछाड़कर सतीशन ने मारी बाजी
मुख्यमंत्री की दौड़ में केसी वेणुगोपाल को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन कांग्रेस ने 61 वर्षीय वीडी सतीशन को चुना। सतीशन को जमीनी स्तर का नेता और चुनावी जीत का रणनीतिकार माना जाता है।
मजबूरी या रणनीति? वेणुगोपाल के चयन में सबसे बड़ी बाधा यह थी कि उन्हें छह महीने के भीतर उपचुनाव लड़ना पड़ता। साथ ही, गठबंधन सहयोगी IUML का झुकाव शुरू से ही सतीशन की ओर था।
IUML का 'दबदबा' और कांग्रेस की मजबूरी
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) में IUML की भूमिका निर्णायक है:
विधायकों का गणित: कांग्रेस की 63 सीटों के बाद 22 विधायकों वाली IUML गठबंधन का दूसरा सबसे बड़ा दल है।
वायनाड कनेक्शन: वायनाड जैसी सीटों पर, जहां प्रियंका गांधी वाड्रा सांसद हैं, मुस्लिम लीग का समर्थन कांग्रेस के लिए अनिवार्य है। वहां करीब 45 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं।
चेतावनी का असर: सियासी गलियारों में चर्चा है कि यदि वेणुगोपाल को चुना जाता, तो IUML गठबंधन से बाहर हो सकती थी। हालांकि कांग्रेस बहुमत (71) के आंकड़े से ऊपर रहती, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़े समर्थन को खोने का जोखिम नहीं लेना चाहती थी।
BJP का तंज: "मुस्लिम लीग बन गई है कांग्रेस"
सतीशन के नाम की घोषणा होते ही BJP ने 'तुष्टीकरण' का मुद्दा उछाल दिया है।
तीखी प्रतिक्रिया: BJP का कहना है कि मुख्यमंत्री का चयन दिल्ली या केरल से नहीं, बल्कि IUML के मुख्यालय से हुआ है।
पुराना नाता: प्रधानमंत्री मोदी भी पहले कांग्रेस को 'MMC - मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस' कह चुके हैं। हाल ही में असम के बदरुद्दीन अजमल ने भी कांग्रेस पर ऐसा ही तंज कसा था।
IUML ने जताया स्वागत
घोषणा के तुरंत बाद IUML प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने सतीशन को बधाई दी। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि कांग्रेस ने इस फैसले से पहले मुस्लिम लीग से गहन विचार-विमर्श किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सतीशन के नेतृत्व में केरल को 'सुशासन' मिलेगा।
निष्कर्ष:
वीडी सतीशन का चयन कांग्रेस के लिए अपने सबसे मजबूत सहयोगी को साधे रखने की एक सफल कोशिश है, लेकिन इसने BJP को 'अल्पसंख्यक तुष्टीकरण' के नाम पर विपक्ष को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। अब देखना यह होगा कि सतीशन इस दबाव और आरोपों के बीच केरल की सत्ता को कैसे संभालते हैं।





