नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के जमीन खरीद विवाद ने अब उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस विवाद में उस समय एक दिलचस्प मोड़ आ गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव खुलकर भाजपा के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में उतर आए। अखिलेश के इस कदम पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा तंज कसा है और सपा के 'समाजवाद' पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

"मोहन जी के सम्मान में अखिलेश भैया मैदान में": ओवैसी का वार

असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर अखिलेश यादव और सपा की राजनीति को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने तंज कसते हुए लिखा:

"मोहन जी के सम्मान में अखिलेश भैया मैदान में। एक भाई बस अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आए दिन मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, उन पर झूठे इल्जाम लगाकर उन्हें जेल भेजा जाता है। अखिलेश उनके लिए कभी कुछ नहीं कहते। लेकिन, भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए देखिए कितनी हमदर्दी है। सपा का 'समाजवाद' असल में यादव समाजवाद है।"

ओवैसी के इस बयान ने विपक्षी एकजुटता और सपा के पारंपरिक वोट बैंक (MY समीकरण) के बीच की दरार को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा? 'साजिश' का लगाया आरोप

इससे पहले, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर लगे जमीन खरीद के आरोपों को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी साजिश करार दिया था। अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए खुद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर ही पटकथा लिखी गई है।

अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या भाजपा को पहले से यह पता नहीं था कि मोहन यादव रियल एस्टेट का कारोबार करते थे? अब अचानक इन आरोपों को उछालना राजनीति से प्रेरित है।"

"यूपी के सीएम को हटाने के लिए हो रहा यह सब"

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की अंदरूनी रणनीति पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह सब मुख्यमंत्रियों को बदलने के खेल का हिस्सा है।

3 राज्यों के मुख्यमंत्री बदलने की तैयारी: अखिलेश के मुताबिक, भाजपा अंदरूनी तौर पर तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बदलने का बहाना ढूंढ रही है।

असली निशाना उत्तर प्रदेश: उन्होंने दावा किया कि भाजपा को मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना है, और इन दोनों को हटाने के पीछे की असली वजह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) को उनके पद से हटाना है। इसी रणनीति के तहत मोहन यादव पर आरोप लगवाए जा रहे हैं।

सियासी मायने

जमीन विवाद भले ही मध्य प्रदेश का हो, लेकिन इसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां अखिलेश यादव जातीय समीकरण और भाजपा की अंदरूनी खींचतान को हवा दे रहे हैं, वहीं ओवैसी ने मुस्लिम कार्ड खेलकर अखिलेश यादव को उनके ही गढ़ में घेरने की कोशिश की है। अब देखना यह है कि समाजवादी पार्टी ओवैसी के इस 'यादव समाजवाद' वाले वार का क्या जवाब देती है।