चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक कथित वीडियो विवाद को लेकर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को एक गहरी राजनीतिक और धार्मिक साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो पूरी तरह फर्जी (Fake) है और इसमें वे खुद नहीं, बल्कि कोई अन्य व्यक्ति उनके चेहरे का 'सिलिकॉन मास्क' पहनकर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव करीब आते देख विरोधी दल उन्हें राजनीतिक और धार्मिक तौर पर बदनाम करने के लिए इस तरह के ओछे हथकंडे अपना रहे हैं।
स्क्रीन पर दिखाए सबूत: 'वीडियो वाले शख्स की गर्दन पर ऑपरेशन का निशान नहीं'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया के सामने बकायदा स्क्रीन पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए अपने दावे के पक्ष में कई तकनीकी सबूत पेश किए:
कद-काठी का अंतर: वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उनके शारीरिक ढांचे और कद-काठी से बिल्कुल मेल नहीं खाता।
ऑपरेशन का निशान: सीएम ने अपनी गर्दन पर मौजूद एक पुराने ऑपरेशन का निशान दिखाते हुए कहा कि वायरल वीडियो वाले व्यक्ति की गर्दन पर ऐसा कोई मार्क नहीं है।
कनाडा कनेक्शन: मान ने एक अन्य तस्वीर दिखाई जिसमें एक शख्स हाथ में मास्क पकड़े हुए है। सीएम का दावा है कि यह व्यक्ति फिलहाल कनाडा में है और वीडियो किसी होटल का लग रहा है, जो ब्लैकमेलिंग के मकसद से तैयार किया गया है।
भगवंत मान ने तीखे लहजे में कहा कि इस पूरी 'फर्जी फिल्म' के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर कौन हैं, इसका खुलासा वे आने वाले कुछ दिनों में सबूतों के साथ करेंगे।
अकाल तख्त और SGPC पर साधा निशाना
धार्मिक मोर्चे पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
"गुरुद्वारों के बाहर केवल मेरे बहिष्कार के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, लेकिन सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगे? यह संस्थाओं के दोहरे मापदंड को साफ उजागर करता है। कुछ धार्मिक संस्थाएं और राजनीतिक दल मिलकर मेरे खिलाफ माहौल बना रहे हैं। इसके बावजूद, अकाल तख्त साहिब से ऊपर कोई नहीं है; अगर अकाल तख्त साहिब आज भी मुझे बुलाता है, तो मैं वहां पेश होने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ। गुरु नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह मुझे सिर माथे मंजूर है।"
'कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा का संयुक्त मोर्चा'
विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल का एक 'संयुक्त मोर्चा' बन चुका है। ये तीनों दल मंचों पर भले ही अलग दिखने का नाटक करते हों, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को घेरने के लिए अंदरखाने एकजुट हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी छवि को निशाना बनाया गया हो। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसे ही वीडियो का सहारा लिया गया था। मान ने अंत में कहा कि राजनीतिक लड़ाई में मात खा चुका विपक्ष अब धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाब की समझदार जनता इस सच को बखूबी समझ रही है।





