लखनऊ:

राजधानी लखनऊ में हुए चर्चित प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह हत्याकांड ने अब उत्तर प्रदेश में एक बड़ा सियासी रूप ले लिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) की लोहिया वाहिनी के उपाध्यक्ष दिनेश यादव की गिरफ्तारी के बाद, सूबे के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा और करारा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव के साथ मुख्य आरोपी की तस्वीर साझा करते हुए तंज कसा कि 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'।

अखिलेश यादव के सवालों पर राजभर का पलटवार

दरअसल, जौनपुर के कारोबारी संदीप सिंह की हत्या के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेर रहे थे और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी पर पलटवार करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी।

राजभर की सोशल मीडिया पोस्ट:

"एक कहावत है 'उलटा चोर कोतवाल को डांटे'... अखिलेश यादव जी, आप 27 तारीख से चिल्ला रहे हैं कि लखनऊ में हत्या हो गई और हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुई। अरे अखिलेश बाबू, मिल गया हत्यारा! आपका अपना, आपका बहुत करीबी... सुना है गिरफ्तार आरोपी तो आपकी 'समाजवादी लोहिया वाहिनी' का उपाध्यक्ष है? दूसरा वाला मुस्लिम है? दोनों आपके वोटर हैं।"

मंत्री राजभर ने आगे तंज कसते हुए लिखा कि, "PDA यानी 'पीट देगा अहीर' वाली फोटो डाल रहा हूं, जो आपके साथ है। यही लखनऊ हत्या का मास्टरमाइंड है, जिसके साथ आप शान से फोटो खिंचाए हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि वह जल्द ही दूसरे आरोपी की तस्वीर भी सार्वजनिक करेंगे।

क्या है पूरा हत्याकांड?

गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ में जौनपुर के रहने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह की उस समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपनी कार से दफ्तर पहुंचे थे।

वारदात का तरीका: जैसे ही संदीप सिंह अपनी कार से उतरकर दफ्तर के अंदर जाने लगे, पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

सनसनीखेज हत्या: महज कुछ ही सेकंड में इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। राजधानी के भीतर हुए इस हत्याकांड के बाद से ही कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर था।

पुलिसिया कार्रवाई से बदला सियासी नैरेटिव

शुरुआती दौर में जहां समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सरकार को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश कर रही थी, वहीं पुलिस द्वारा सपा पदाधिकारी दिनेश यादव की गिरफ्तारी के बाद बाजी पलट गई है। अब भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी पार्टियां सपा को 'अपराधियों को संरक्षण देने' के पुराने आरोपों के तहत घेर रही हैं। इस मामले में अभी सपा आलाकमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक उत्तर प्रदेश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।