सियासी घमासान: मल्लिकार्जुन खरगे के 'आतंकवादी' वाले बयान पर भड़की भाजपा, पात्रा बोले- 'यह कांग्रेस का जानबूझकर किया गया षड्यंत्र'

चेन्नई/नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के बीच देश की राजनीति उस समय और गरमा गई जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादित टिप्पणी की। चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहे जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख खरगे ने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी पेश की है।

भाजपा का तीखा प्रहार: "140 करोड़ भारतीयों का अपमान"

खरगे के बयान के तुरंत बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं ने मोर्चा खोल दिया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस बयान को एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

संबित पात्रा का बयान: "प्रधानमंत्री को आतंकी कहना कोई भूल नहीं, बल्कि एक षड्यंत्र है। राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता लगातार अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं। यह वही पार्टी है जो जाकिर नाइक को शांति दूत और ओसामा बिन लादेन को 'जी' कहकर संबोधित करती है, लेकिन जनता के कल्याण के लिए काम करने वाले पीएम को आतंकी कहती है।"

पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे देश का अपमान बताया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और डीएमके का यह अपवित्र गठबंधन असल में 140 करोड़ भारतीयों को अपमानित कर रहा है। राहुल गांधी और एमके स्टालिन को देश से माफी मांगनी चाहिए।"

विनोद तावड़े और तरुण चुघ: नेताओं ने इसे 'संविधान-विरोधी मानसिकता' और राहुल गांधी को खुश करने के लिए की गई टिप्पणी करार दिया।

भाजपा के पलटवार के मुख्य बिंदु

नेताप्रमुख टिप्पणी
संबित पात्रा"क्या मुफ्त राशन, घर और महिला आरक्षण देना आतंक है? यह कांग्रेस का असली चरित्र है।"
विनोद तावड़े"संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति ऐसी घृणा निंदनीय है।"
कमलजीत सेहरावत"जब कांग्रेस जमीन पर नहीं जीत पाती, तो ऐसे शब्दों के तीर चलाती है।"

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मल्लिकार्जुन खरगे की सफाई

चौतरफा आलोचनाओं और बढ़ते विवाद के बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान को स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा:

"मैंने यह नहीं कहा कि प्रधानमंत्री आतंकवादी हैं। मेरे कहने का अर्थ था कि वे (सरकार) धमकी देते हैं और राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं। उनके पास ईडी (ED), आईटी (IT) और सीबीआई (CBI) जैसी संस्थाएं हैं जिनका उपयोग डराने के लिए किया जा रहा है।"

पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब चुनावी मौसम में शब्दों की मर्यादा टूटी है। भाजपा नेताओं का दावा है कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है, जनता ने उन्हें वोटों के जरिए दंडित किया है। अब देखना यह होगा कि इस ताजा विवाद का असर आने वाले चुनावी नतीजों पर क्या पड़ता है।