तिरुवनंतपुरम | समाचार सेवा पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की लपटें अब केरल की राजनीति तक पहुँच गई हैं। मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन द्वारा संघर्ष के संदर्भ में ईरान के पक्ष में दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर 'वोट बैंक' और 'तुष्टीकरण' की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

"मलयालियों की सुरक्षा की चिंता करें, ईरान की नहीं"

रविवार (8 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उन खाड़ी देशों की चिंता होनी चाहिए जहाँ लाखों मलयाली लोग रहते हैं और काम करते हैं।

"मुख्यमंत्री केवल ईरान के बारे में ही क्यों बात कर रहे हैं? क्या यह तुष्टीकरण नहीं है? मलयाली लोग बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में रहते हैं। मुख्यमंत्री को ईरान द्वारा किए गए हमलों की भी स्पष्ट निंदा करनी चाहिए।" — राजीव चंद्रशेखर, अध्यक्ष, केरल बीजेपी

भारत का रुख: युद्ध नहीं, संवाद ही समाधान

राजीव चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की नीति संतुलित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत मानता है कि 'युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है'। किसी भी विवाद को कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार की शांतिपूर्ण नीति का उदाहरण देते हुए बताया कि केंद्र ने ही एक ईरानी जहाज को कोच्चि में सुरक्षित लंगर डालने की अनुमति दी थी।

"ईरान नहीं, केरल की जनता ने दिया है जनादेश"

बीजेपी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विजयन को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपना ध्यान राज्य के मुद्दों पर केंद्रित करना चाहिए।

विकास पर सवाल: मुख्यमंत्री ईरान, सीरिया या गाजा की बात करने के बजाय यह बताएं कि पिछले 10 वर्षों में उन्होंने केरल की जनता के लिए क्या किया है।

ध्यान भटकाने का आरोप: बीजेपी ने आरोप लगाया कि राज्य की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विवादास्पद बयान दे रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

विवाद: सीएम पिनरायी विजयन ने पश्चिम एशिया संघर्ष में ईरान का समर्थन किया।

बीजेपी का तर्क: मुख्यमंत्री का बयान उन देशों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकता है जहाँ केरल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।

मांग: स्थानीय विकास और मलयाली प्रवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।