नई दिल्ली:

NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली (पेपर लीक) और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया है। जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहा आंदोलन सोमवार को हिंसक मोड़ ले चुका है, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आह्वान पर 'चलो संसद' मार्च आयोजित किया गया।

इस बीच, मंगलवार को स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दलों के बड़े नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर ही धरने पर बैठ गए। लगभग चार घंटे तक चले इस भारी बवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।

'चलो संसद' मार्च जारी रखने का एलान

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि NEET अभ्यर्थियों और छात्रों के हक की यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। सोमवार को प्रदर्शन के उग्र होने के बाद उन्होंने मंगलवार को भी संसद मार्च जारी रखने का बड़ा एलान किया है।

पीएम आवास के बाहर भारी हंगामा, दिग्गज नेता हिरासत में

मंगलवार को विपक्षी नेताओं के विरोध-प्रदर्शन से दिल्ली की सड़कों पर हड़कंप मच गया:

राहुल गांधी और अखिलेश यादव: प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी और अखिलेश यादव को पुलिस ने जबरन उठाकर हिरासत में लिया।

प्रियंका गांधी समेंत कई नेता डिटेन: पुलिस बसों में भरकर प्रियंका गांधी और अन्य तमाम विपक्षी नेताओं को धरना स्थल से हटाया गया।

कहां ले जाए गए विपक्षी नेता?

छत्रसाल स्टेडियम: पुलिस अखिलेश यादव और राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद छत्रसाल स्टेडियम ले गई, जहाँ उन्हें रखे जाने की खबर है।

मॉडल टाउन थाना: शुरुआती कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी को पीएम आवास के बाहर से डिटेन कर पहले मॉडल टाउन थाने ले जाया गया था।

निष्कर्ष: NEET विवाद को लेकर छात्रों के गुस्से और विपक्षी नेताओं के सड़क पर उतरने से केंद्र सरकार पर दबाव बेहद बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी है।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। प्रदर्शनकारियों पर हुई बर्बरता और पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ जो हुआ, उसके लिए पीएम मोदी को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

घायलों से मिले राहुल-प्रियंका, संसद में मांगी चर्चा

संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा:

"प्रधानमंत्री आखिर चुप क्यों हैं? पुलिस की लाठियों से घायल हुए छात्रों से उन्होंने माफी तक नहीं मांगी है। उन्हें आगे आकर बोलना चाहिए और इस पूरी स्थिति को संभालना चाहिए।"

इससे पहले राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के आरएमएल (RML) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

मंगलवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और छात्रों के मुद्दे पर तुरंत विस्तृत चर्चा की मांग की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लिखा:

"हमारी मांग बिल्कुल सीधी है—छात्रों पर हुई बर्बरता और परीक्षा संकट पर सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में विस्तृत चर्चा हो। अगर संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो यह किस काम की है?"

उन्होंने संकल्प दोहराया कि विपक्ष सड़कों से लेकर संसद तक छात्रों की आवाज को किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगा।

सोमवार को राजधानी में मचा था बवाल

उल्लेखनीय है कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान दिल्ली की सड़कों पर अभूतपूर्व अफरातफरी देखने को मिली थी। हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए थे और संसद से महज कुछ मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल में 100 से अधिक पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा छात्र-प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

खड़गे ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि न्याय मांग रहे युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और इंटरनेट बैन जैसी कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाना चाहती है।

खड़गे ने कहा, "बार-बार हो रहे पेपर लीक और लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा?" उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफे की मांग की।

पीएम मोदी ने दिए सख्त सजा के निर्देश

दूसरी तरफ, एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने नीट (NEET) पेपर लीक के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने के निर्देश दिए हैं।

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक रोकना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और देश में एक पारदर्शी व 'फुलप्रूफ' परीक्षा प्रणाली तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।