देहरादून।

लगभग साढ़े चार साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे हैं। यहाँ आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में उन्होंने हजारों छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद किया। राहुल गांधी ने हाल के वर्षों में देश और राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने सीधे तौर पर व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश के युवाओं के सामने दो स्पष्ट रास्ते खड़े हो गए हैं—एक कड़ी मेहनत का और दूसरा पेपर लीक व भ्रष्टाचार का।

मंच पर छलका छात्रों का दर्द: 'वर्षों की मेहनत हो रही दांव पर'

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने सीधे छात्रों को मंच पर आमंत्रित कर उनसे बातचीत की, जहाँ युवाओं का दर्द और आक्रोश खुलकर सामने आया:

2020 की परीक्षा का दंश: एक छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "हमने 2020 में दिन-रात एक करके बहुत मेहनत की थी। लेकिन जैसे ही परीक्षा देकर बाहर निकले, पता चला कि पेपर लीक हो चुका है। उस घटना ने हमारा मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया।"

2025 की पटवारी भर्ती का सच: एक अन्य छात्रा ने हालिया सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैंने पिछले साल 2025 में पटवारी भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन उसका पेपर भी लीक हो गया। इस वजह से हमें दोबारा परीक्षा के मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा।"

सरकारी सीटों का संकट: एक छात्र ने शिक्षा के व्यवसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि निजी मेडिकल कॉलेज लगातार खुल रहे हैं, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर योग्य और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।

'पैसे वालों और भ्रष्टाचारियों के लिए खुला है पेपर लीक का रास्ता'

छात्रों की समस्याओं को सुनने के बाद राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सच्चाई बेहद कड़वी है और आज देश के युवाओं के सामने एक गंभीर संकट है।

"अगर आपके पास पैसा है, आप भ्रष्ट हैं और चोरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए पेपर लीक का रास्ता खुला है। लेकिन जो युवा ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं, यह व्यवस्था उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देश के करोड़ों युवा अपनी सामान्य जिंदगी से कई वर्षों तक दूरी बना लेते हैं। छात्र आठ से दस घंटे मेहनत करते हैं और उनका पूरा परिवार इस संघर्ष में शामिल रहता है।"राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष

उन्होंने आगे कहा कि कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण आज हर परिवार अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ साबित हो रहा है।

ढाई लाख से ज्यादा पंजीकरण, डिजिटल व्यवस्था से एंट्री

राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के लिए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम के लिए 2.5 लाख से अधिक छात्रों ने डिजिटल पंजीकरण कराया है।

पंडाल में केवल पंजीकृत छात्रों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। छात्रों की सुविधा के लिए स्थल पर हेल्प डेस्क बनाए गए और मौके पर ही क्यूआर (QR) कोड लगाए गए ताकि जो छात्र पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए, वे तुरंत पंजीकरण कर सकें। पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कांग्रेस सेवादल के वालंटियर्स मुस्तैद रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा उत्तराखंड की सियासत में युवाओं के मुद्दों को एक नया आयाम देगा।