नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित 'चढ़ावा चोरी' के मामले को लेकर केजरीवाल ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि वे भगवान राम को भगवान मानते ही नहीं हैं, उन्होंने सिर्फ सत्ता पाने के लिए सनातन और राम नाम का इस्तेमाल किया है।

"अगर भगवान मानते तो खुलेआम चोरी नहीं करते"

केजरीवाल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी से आज देश का हर सनातनी और रामभक्त गहरे दुख में है। उन्होंने कहा:

"ये लोग अगर राम जी को भगवान मानते, तो कभी ऐसी चोरी नहीं करते। ये तो खुलेआम चोरी कर रहे हैं। इन्होंने सिर्फ चुनाव जीतने और सत्ता के लिए प्रभु राम के नाम पर वोट मांगे। भगवान सब देख रहे हैं और देश की जनता भी इस धोखे को समझ चुकी है।"

केजरीवाल ने खुद की पार्टी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में अगर कोई देश की सच्ची सनातनी पार्टी है, तो वह सिर्फ आम आदमी पार्टी है, जो लोगों को मुफ्त में तीर्थ यात्रा करवाती है और धार्मिक आयोजन (जैसे पंजाब में कीर्तन संध्या) करवाती है।

गृह मंत्री अमित शाह पर दागे 5 सीधे सवाल

इस दौरान अरविंद केजरीवाल के निशाने पर विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रहे। केजरीवाल ने दावा किया कि 22 जून 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक ढाई साल यानी 891 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अमित शाह एक बार भी दर्शन करने अयोध्या नहीं गए।

केजरीवाल ने कहा, "मैंने चैट जीपीटी से लेकर बड़े-बड़े पत्रकारों और अमित शाह की सोशल मीडिया टाइमलाइन तक खंगाल ली, लेकिन कहीं यह जानकारी नहीं मिली कि वह राम मंदिर गए हों। उन्होंने अपने चुनावी भाषणों में 42 बार भगवान राम का जिक्र किया, उनके नाम पर वोट मांगे, लेकिन दर्शन करने नहीं जा सकते।"

केजरीवाल ने अमित शाह से ये 5 सवाल पूछे:

आप अब तक राम मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं गए?

क्या आपका भगवान राम के दर्शन करने का मन नहीं करता?

क्या आपको राम मंदिर जाने की इच्छा नहीं होती?

क्या आपको अब प्रभु राम की ज़रूरत नहीं रही?

क्या आप वाकई राम जी को भगवान मानते हैं?

केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान राम की कृपा से देश के 21 राज्यों और केंद्र में इनकी सरकार बन गई, कम से कम धन्यवाद करने और 101 रुपए का प्रसाद चढ़ाने ही अमित शाह को चले जाना चाहिए था।

SIT जांच को बताया फर्जीवाड़ा, कल करेंगे बड़ा खुलासा

चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी (SIT) पर भी केजरीवाल ने अविश्वास जताया। उन्होंने इसे पूरी तरह से एक 'फर्जीवाड़ा' करार दिया। उन्होंने कहा, "यह सब केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की मिलीभगत है। एसआईटी बनाकर ये लोग सिर्फ 15-15 दिन का समय बढ़ाते रहेंगे और आरोपियों को बचाएंगे। इन्हें असली दंड तब मिलेगा जब केंद्र और यूपी से इनकी सरकार जाएगी।"

केजरीवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह तो अभी शुरुआत है, आगे और भी कई चीजें सामने आनी बाकी हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर कल (गुरुवार को) एक और विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का एलान किया है।