उत्तर 24 परगना/सोदपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के गहमागहमी के बीच आज पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में एक भावुक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता की मां और इस सीट से भाजपा उम्मीदवार ने सोदपुर के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी करते हुए उन्होंने न केवल अपनी जीत का दावा किया, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर तीखे सवाल भी खड़े किए।
कुशासन के विरुद्ध और बदलाव के लिए मतदान
मतदान के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि बंगाल की जनता इस बार 'बदलाव' के संकल्प के साथ मतदान कर रही है। उन्होंने कहा, "मेरी प्राथमिकता केवल राजनीति नहीं, बल्कि बंगाल की उन करोड़ों महिलाओं की सुरक्षा है जो आज असुरक्षित महसूस कर रही हैं। लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं।"
आरजी कर कांड: अनसुलझे सवाल और आक्रोश
अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी अस्पताल में हुई उस जघन्य घटना को याद करते हुए उन्होंने ममता सरकार की कार्यशैली पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित रहे:
दोषियों का बचाव: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस जघन्य अपराध के साक्ष्यों को दबाने की कोशिश की।
अधूरी जांच: घटना के महीनों बाद भी केवल एक गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि अस्पताल जैसे सुरक्षित स्थान पर बाहरी अपराधी कैसे पहुंच गया?
बिगड़ती कानून-व्यवस्था: उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी के अलावा बंगाल में सैकड़ों महिलाएं टीएमसी शासन के दौरान अत्याचार का शिकार हुई हैं।
"जिस स्थान को अस्पताल में बेहद सुरक्षित माना जाता था, वहां दरिंदगी कैसे हुई? हमें यह सुनिश्चित करना है कि बदलाव के इस संघर्ष में एक भी वोट व्यर्थ न जाए।"
पानीहाटी का त्रिकोणीय मुकाबला
आरजी कर की घटना ने इस बार बंगाल चुनाव के विमर्श को पूरी तरह बदल दिया है। पानीहाटी सीट पर मुकाबला अब बेहद रोचक और कड़ा हो गया है। यहाँ भाजपा उम्मीदवार की टक्कर मुख्य रूप से दो प्रतिद्वंदियों से है:
तीर्थांकर घोष: टीएमसी विधायक निर्मल घोष के पुत्र।
कलातन दासगुप्ता: माकपा (CPIM) के उम्मीदवार।
बंगाल के चुनावी परिदृश्य में 'महिला सुरक्षा' अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक निर्णायक मुद्दा बनकर उभरा है। अब देखना यह है कि क्या पानीहाटी की जनता 'न्याय की इस लड़ाई' को जनसमर्थन के जरिए विधानसभा तक पहुंचाती है या नहीं।





