पटना: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) ने अपने संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। सोमवार (9 मार्च, 2026) को पटना में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में समस्तीपुर के पूर्व सांसद प्रिंस राज को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। पार्टी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की।

'पार्टी के स्वर्णिम दौर को वापस लाना लक्ष्य'

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रिंस राज ने खुशी जाहिर करते हुए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक लक्ष्य पार्टी को उसके पुराने प्रदर्शन से भी बेहतर स्थिति में ले जाना है।

"पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मिलकर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। हमारा प्रयास होगा कि शोषितों, पिछड़ों और गरीबों के उत्थान के लिए हम स्वर्गीय रामविलास पासवान जी और बाबा साहब अंबेडकर के सिद्धांतों पर और मजबूती से चलें।" — प्रिंस राज

राजनीति में 'युवा शक्ति' का स्वागत

नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंस राज ने कहा कि राजनीति में युवाओं का आना शुभ संकेत है। उन्होंने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया भर में युवा नेतृत्व का वर्चस्व बढ़ रहा है, तो भारत में भी युवाओं को बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

गठबंधन और भविष्य की रणनीति

महागठबंधन या अन्य राजनीतिक समीकरणों से जुड़े सवालों पर प्रिंस राज ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय तात्कालिक हालात और कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर लिए जाते हैं। फिलहाल उनका पूरा ध्यान संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने पर है।

कौन हैं प्रिंस राज?

प्रिंस राज बिहार के कद्दावर पासवान परिवार की नई पीढ़ी के प्रमुख चेहरा हैं:

पारिवारिक पृष्ठभूमि: वे दिवंगत सांसद रामचंद्र पासवान के पुत्र और स्वर्गीय रामविलास पासवान व पशुपति पारस के भतीजे हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके चचेरे भाई हैं।

संसदीय सफर: पिता के निधन के बाद 2019 के उपचुनाव में वे समस्तीपुर से सांसद चुने गए थे।

करियर: उन्होंने 2013 में राजनीति की शुरुआत की और 2015 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था।

निष्कर्ष: पशुपति पारस द्वारा प्रिंस राज को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना इस बात का संकेत है कि RLJP अब भविष्य की चुनौतियों के लिए युवाओं को फ्रंटलाइन पर रखने की रणनीति अपना रही है।