नई दिल्ली:

राज्यसभा में 'एंटी पेपर लीक बिल' और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्र आंदोलनों से घबराई हुई है। राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री की चुप्पी पर तंज कसते हुए कहा कि वे जल्द ही 'लापता गृहमंत्री' नाम से एक फिल्म बनाने जा रहे हैं।

"आपातकाल का पाठ पढ़ाने वाले छात्र आंदोलन से क्यों डरते हैं?"

राज्यसभा में बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि सत्ता पक्ष हमेशा आपातकाल (इमरजेंसी) की बातें करता है, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐतिहासिक रूप से आपातकाल की शुरुआत भी गुजरात और बिहार के छात्र आंदोलनों से ही हुई थी।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा, "सदन में ऐसे कई दिग्गज नेता बैठे हैं जिनकी अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र आंदोलनों से हुई थी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जंतर-मंतर पर लाठियां खा रहे और अनशन पर बैठे छात्रों के पास जाकर किसी ने उनकी संवेदनाएं नहीं सुनीं।"

पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल

20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए राउत ने गंभीर आरोप लगाए:

छात्रों के सपनों पर प्रहार: उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पैलेट गन का इस्तेमाल कर उनके भविष्य के सपनों को कुचलने की कोशिश की गई।

गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर तंज: "हर बात पर बयान देने वाले और क्रेडिट लेने वाले गृह मंत्री इतने बड़े घटनाक्रम पर चुप क्यों हैं? देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बच्चे आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों डरे हुए हैं। मैं तो अब 'लापता गृहमंत्री' नाम से फिल्म बनाने वाला हूं।"

'एंटी पेपर लीक बिल' और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा:

सजा बढ़ाने से हल नहीं: नए कानून पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केवल सजा को 1 साल से 10 साल कर देने या जुर्माने को 1 करोड़ से 10 करोड़ कर देने से पेपर लीक नहीं रुकेगा। जब तक व्यवस्था में ऊपर से नीचे तक बैठे लोगों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक कुछ नहीं बदलेगा।

महाराष्ट्र का उदाहरण: राउत ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र में पकड़े गए कई आरोपी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं।

उन्होंने तीखा तंज कसते हुए अंत में कहा, "इस देश में शिक्षा व्यवस्था की एक बड़ी प्रतिष्ठा रही है, लेकिन मौजूदा तंत्र ने इसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। जिस देश में राम मंदिर की दानपेटी तक लीक हो जाए, वहां पेपर लीक होना कोई बड़ी बात नहीं रह गई है।"