मुरादाबाद:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर मुरादाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में टिकट की दावेदारी काफी तेज हो गई है। हालांकि, इस बार भाजपा का टिकट हासिल करने के लिए केवल बाहरी लोकप्रियता ही काफी नहीं होगी। दावेदारों को तीन कड़े टेस्ट (संघ, संगठन और एजेंसी का सर्वे) से गुजरना होगा। इन तीनों पैमानों पर खरा उतरने वाले प्रत्याशी को ही केंद्रीय संसदीय बोर्ड हरी झंडी देगा।
तीन स्तरों पर तय होगा दावेदार का भाग्य
भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन अलग-अलग चैनल बनाए हैं, जो स्वतंत्र रूप से अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजते हैं:
संगठन का स्तर: जिला स्तर पर मिलने वाले आवेदनों की समीक्षा के बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष हर विधानसभा सीट से 3-3 प्रमुख नाम प्रदेश संगठन मंत्री को भेजते हैं।
आरएसएस (RSS) का गोपनीय सर्वे: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्तर पर बेहद गोपनीय तरीके से सर्वे कराता है। विभाग प्रचारक 3-3 प्रमुख नाम क्षेत्र प्रचारक और प्रांत प्रचारक के माध्यम से आलाकमान तक पहुंचाते हैं।
एजेंसियों का सर्वे: पार्टी पेशेवर एजेंसियों के जरिए 4 से 5 चरणों में व्यापक सर्वे करवाती है, जिसमें सीधे जनता के बीच से राय ली जाती है और पार्टी के दिए गए नामों की लोकप्रियता को परखा जाता है।
मुरादाबाद की सीटों पर बढ़े दावेदार
जिले में एजेंसियों के 3 सर्वे पूरे हो चुके हैं, जिनमें 20 नाम प्रमुखता से उभरे थे। लेकिन सर्वे की जानकारी बाहर आते ही एक दर्जन से अधिक नए दावेदारों ने ताल ठोक दी है:
नगर विधानसभा: विधायक रितेश गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता और वर्तमान महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला का नाम पहले से चर्चा में था। अब राजीव गुंबर ने भी दावेदारी की है।
मुरादाबाद देहात: डॉ. केके मिश्रा, श्याम बिहारी शर्मा और रजनीकांत जाटव के बाद अब पूर्व महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्रनाथ मिश्रा, शशि किरण जाटव, सुनीता शर्मा, वनीता मेहरोत्रा और महेंद्र सिंह बब्बू भी दौड़ में आ गए हैं।
ठाकुरद्वारा: राजपाल सिंह चौहान, अजय प्रताप सिंह और साधना सिंह के अलावा गौरव चौहान तथा भानु प्रताप सिंह ने अपनी दावेदारी पेश की है।
कांठ: पूर्व विधायक राजेश कुमार सिंह (चुन्नू), पूनम चौधरी और विनोद सैनी के साथ अब धर्मपाल सिंह और जयवर्द्धन सिंह का नाम भी जुड़ गया है।
बिलारी: परमेश्वर लाल सैनी, सुरेश सैनी और रघुराज सिंह के साथ विश्वास यादव (लवली) और नरेश यादव भी रेस में शामिल हैं।
कुंदरकी: विधायक रामवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह और दिनेश ठाकुर प्रमुख दावेदारों में गिने जा रहे हैं।
समीक्षा के बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड लेगा अंतिम निर्णय
पार्टी सूत्रों का कहना: "फिलहाल जिला स्तर पर आधिकारिक तौर पर कोई आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। अभी दो और दौर के सर्वे होने बाकी हैं। तीनों रिपोर्टों का मिलान करने के बाद ही नाम फाइनल होंगे। केवल एजेंसियों के सर्वे के दम पर टिकट नहीं मिलेगा, संगठन और संघ की निष्पक्ष रिपोर्ट सबसे निर्णायक साबित होगी।"





