जमालपुर/हावड़ा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान के बाद सियासी पारा चरम पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जमालपुर और हावड़ा के श्यामपुर में विशाल रैलियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले चरण में ही अपनी जीत की नींव रख दी है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि पहले चरण की 152 सीटों में से भाजपा अकेले 110 सीटें जीतने जा रही है।
"जब तक भाजपा का कार्यकर्ता जीवित है, बाबरी नहीं बनने देंगे"
अमित शाह ने अपने भाषण में कड़े तेवर अपनाते हुए सांप्रदायिक और वैचारिक मुद्दों पर ममता सरकार को घेरा। अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने हुंकार भरी:
विवादास्पद बयानों पर हमला: शाह ने टीएमसी के नेताओं के कथित बयानों की ओर इशारा करते हुए कहा, "ममता दीदी अपने शिष्यों के जरिए बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का सपना देख रही हैं। जब तक भाजपा का एक भी कार्यकर्ता जीवित है, बंगाल की पवित्र धरती पर बाबरी मस्जिद कभी नहीं बनने देंगे।"
विचारधारा की लड़ाई: उन्होंने इस चुनाव को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति की रक्षा की लड़ाई बताया।
CAA, घुसपैठ और 'डर-मुक्त' बंगाल का वादा
शाह ने भाजपा के चुनावी अभियान को तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित रखा:
मतुआ समुदाय को नागरिकता: उन्होंने ममता बनर्जी पर CAA को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया। शाह ने वादा किया कि 5 मई को भाजपा सरकार बनते ही मतुआ समुदाय के हर भाई-बहन को सम्मान के साथ नागरिकता दी जाएगी।
घुसपैठ पर पूर्ण विराम: गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठिए बंगाल के युवाओं का हक मार रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि 5 मई के बाद एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।
महिला सुरक्षा: 'संदेशखालि' जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने वादा किया कि भाजपा के शासन में बंगाल की माताएं और बहनें 'डर-मुक्त' होकर रह सकेंगी।
"सिंडिकेट राज" को खाड़ी में फेंक देंगे
ममता बनर्जी के शासन पर प्रहार करते हुए शाह ने 'सिंडिकेट राज' और 'कट मनी' की आलोचना की।
भ्रष्टाचार पर निशाना: उन्होंने कहा कि बंगाल में घर बनाने के लिए बालू, ईंट और सीमेंट तक के लिए सिंडिकेट को पैसे देने पड़ते हैं। भाजपा सरकार इन भ्रष्ट तत्वों को "बंगाल की खाड़ी में फेंक देगी।"
सख्त चेतावनी: शाह ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जो गुंडे आज वोटरों को डरा रहे हैं, 5 मई के बाद उनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी।
चुनावी समीकरण: > पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में मतदान हो रहा है। पहले चरण में भारी मतदान (92% से अधिक) को भाजपा अपने पक्ष में 'सत्ता विरोधी लहर' (Anti-incumbency) मान रही है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
अमित शाह के इस आक्रामक अंदाज ने दूसरे चरण के मतदान से पहले बंगाल के रण को और भी रोमांचक बना दिया है। भाजपा अब पूरी तरह से "सोनार बांग्ला" के नारे और अपने "Son of the Soil" (भूमिपुत्र) मुख्यमंत्री के वादे के साथ मैदान में है।





