मुंबई।
मुंबई का ऐतिहासिक शिवाजी पार्क आज एक बार फिर बड़े सियासी शक्ति प्रदर्शन का गवाह बना। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने NEET और शिक्षक भर्ती परीक्षा (TET) में हुए पेपर लीक के खिलाफ और लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक विशाल आंदोलन छेड़ा। आंदोलन की कमान खुद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके विधायक बेटे आदित्य ठाकरे ने संभाली।
इस दौरान शिवसेना (UBT) ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। आंदोलन के मद्देनजर राज ठाकरे के आवास से लेकर सिद्धिविनायक मंदिर तक पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पेपर लीक पर भड़के उद्धव ठाकरे, छात्रों की आत्महत्या का उठाया मुद्दा
आंदोलन के लिए शिवाजी पार्क में एक बड़ा मंच तैयार किया गया, जहां से पार्टी के दिग्गज नेताओं ने केंद्र और महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर तीखे हमले किए। शिवसेना (UBT) के नेताओं ने कहा:
लाखों छात्रों के साथ खिलवाड़: देश में NEET पेपर लीक के बाद अब महाराष्ट्र में टीचर्स एंट्रेंस टेस्ट (TET) का पेपर लीक होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
इस्तीफे की मांग: सरकार की लापरवाही के कारण हजारों-लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। हताशा में कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली है, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके को खुला समर्थन
इस आंदोलन के जरिए शिवसेना (UBT) ने लद्दाख के अधिकारों के लिए लड़ रहे सोनम वांगचुक और सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को अपना खुला समर्थन दिया। शिवाजी पार्क के आसपास बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिन पर सोनम वांगचुक की बड़ी तस्वीरें छपी हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार जनता और पर्यावरण की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नागपुर से शुरू हुआ "BJP-मुक्त राम आंदोलन"
शिवाजी पार्क के इस महा-आंदोलन से ठीक पहले उद्धव ठाकरे ने नागपुर के राम मंदिर में भजन गाने के बाद “राम रक्षा आंदोलन” की शुरुआत की। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़े फंड में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भाजपा को आड़े हाथों लिया।
उद्धव ठाकरे ने हुंकार भरते हुए कहा:
"मेरे पिता और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों को एकजुट करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। लेकिन आज राम मंदिर के दान में वित्तीय गड़बड़ी (घोटाला) के आरोप लग रहे हैं, जिसमें FIR दर्ज हुई और SIT ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। इसलिए अब समय आ गया है कि देश में एक 'BJP-मुक्त' राम आंदोलन चलाया जाए।"
शिवाजी पार्क में उमड़ी कार्यकर्ताओं और विभाग प्रमुखों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। यह आंदोलन महाराष्ट्र की आगामी राजनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।





