कोलकाता।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) गहरे संकट में घिर गई है। एक तरफ जहाँ ममता बनर्जी के सामने अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने की कड़ी जद्दोजहद है, वहीं दूसरी तरफ उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दस्तक ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस बीच, पार्टी के भीतर 'असली TMC' को लेकर शुरू हुई जंग अब खुलकर सामने आ गई है।
टीचर भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी पर कसता शिकंजा
केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) की एक टीम आज कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुँची। अधिकारियों के हाथों में एक फाइल थी, जिस पर 'समन' लिखा हुआ था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ED की यह कार्रवाई राज्य के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ी है। अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ में शामिल होने के लिए आगामी 15 जून का नोटिस थमाया है। चुनावी शिकस्त के बाद केंद्रीय एजेंसी की इस त्वरित कार्रवाई से राज्य का सियासी पारा गरमा गया है।
'असली TMC' की जंग: ऋतब्रत बनर्जी बने विपक्ष के नेता
पार्टी के भीतर का असंतोष अब एक बड़े विभाजन का रूप ले चुका है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बोस ने ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दे दी है, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस में दोफाड़ की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
मान्यता मिलने के तुरंत बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें TMC के 60 विधायकों का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा:
"विधानसभा में अब तृणमूल कांग्रेस का कोई इकलौता नेता नहीं है, यह एक संयुक्त टीम है। फिलहाल, टीएमसी के सिंबल पर जीते 58 विधायक विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में हमारे साथ हैं। बाकी दो विधायक राज्य से बाहर होने के कारण जल्द ही अपनी लिखित सहमति देंगे।"
सदन में नई रणनीति: नियुक्त किए गए मुख्य सचेतक और उप-नेता
ऋतब्रत बनर्जी ने संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए नई नियुक्तियों का भी एलान किया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंप दिया है। नई व्यवस्था के तहत:
मुख्य सचेतक: रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।
उप-नेता: इस गुट ने चार उप-नेताओं की घोषणा की है, जिनमें पूर्व राज्य मंत्री जावेद अहमद खान, पूर्व राज्य मंत्री सबीना यास्मीन, शिउली साहा और संदीपान साहा शामिल हैं।
'सकारात्मक कार्य पर सरकार की तारीफ से गुरेज नहीं'
ऋतब्रत बनर्जी ने मुख्यमंत्री की हालिया बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि हावड़ा ग्रामीण, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता को मिलाकर कुल 24 विधायक ही मुख्यमंत्री की बैठक में मौजूद थे।
अपनी भावी भूमिका को स्पष्ट करते हुए ऋतब्रत ने कहा:
"हम सदन के भीतर और बाहर एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हम सरकार के हर कदम पर पैनी नजर रखेंगे, लेकिन यदि सरकार कोई सकारात्मक और जनहित का कार्य करती है, तो हम उसकी सराहना करने में भी संकोच नहीं करेंगे।"
ब्यूरो रिपोर्ट, कोलकाता।





