कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक नया अध्याय लिखा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सरकारी कामकाज की औपचारिक शुरुआत विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की जन्मस्थली 'जोरसांको ठाकुरबाड़ी' में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद होगी।
सांस्कृतिक सम्मान: रवींद्र जयंती पर शपथ ग्रहण
सुवेंदु अधिकारी ने इस दिन को बंगाल और पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष इच्छा के अनुरूप शपथ ग्रहण समारोह रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।
उद्देश्य: बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और महान साहित्यकार रवींद्रनाथ ठाकुर को वैश्विक स्तर पर सम्मान देना।
दृष्टिकोण:
विकास का विजन: "मैं अब पूरे बंगाल का मुख्यमंत्री हूँ"
पदभार संभालते ही सुवेंदु अधिकारी ने समावेशी राजनीति का संदेश दिया। उन्होंने कहा:
"मुख्यमंत्री बनने के बाद अब मैं किसी एक दल का नेता नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोगों का प्रतिनिधि हूँ। हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक के उत्थान के लिए काम करेगी।"
उन्होंने बंगाल के पुनर्निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि राज्य अब विकास, सुशासन और एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाएगा।
भाजपा की रिकॉर्ड जीत: 2026 का ऐतिहासिक जनादेश
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाले साबित हुए हैं।
सीटों का गणित: भाजपा ने कुल 207 सीटें जीतकर स्पष्ट और प्रचंड बहुमत हासिल किया।
विपक्ष की विदाई: इस जीत के साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया।
बड़ी उपलब्धि: यह पहली बार है जब भाजपा ने बंगाल में अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है।
निष्कर्ष
सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार का आगमन बंगाल में एक नई राजनीतिक और प्रशासनिक ऊर्जा लेकर आया है। जहां एक तरफ संगठन विस्तार की मेहनत रंग लाई है, वहीं दूसरी तरफ अब राज्य की जनता की नजरें नई सरकार के 'सोनार बांग्ला' के वादे पर टिकी हैं।





