पटना/अररिया। बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार को एक ऐसी नृशंस वारदात हुई जिसने मानवता और कानून-व्यवस्था दोनों को शर्मसार कर दिया है। सरेआम बाजार में एक व्यक्ति का सिर कलम करने और फिर उसे लेकर घूमने की घटना के बाद उपजी हिंसा ने राज्य में सनसनी फैला दी है। इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'महाचौपट राज' करार दिया है।

बाजार के बीचों-बीच 'तालिबानी' क्रूरता

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फारबिसगंज में गुरुवार को एक शख्स ने दूसरे व्यक्ति की गला काटकर हत्या कर दी। वारदात की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी मृतक का सिर हाथ में लेकर सैकड़ों लोगों के बीच काफी देर तक घूमता रहा। इस खौफनाक मंजर को देखकर बाजार में भगदड़ मच गई।

भीड़ का इंसाफ: आरोपी की पीट-पीटकर हत्या

घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने आरोपी को घेर लिया। पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया और आरोपी की जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अपराधियों के सामने लाचार नजर आई और कानून-व्यवस्था संभालने के बजाय अपनी जान बचाती दिखी।

तेजस्वी यादव का प्रहार: "जहर की खेती का खामियाजा"

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर घटना की तस्वीर साझा करते हुए सरकार को घेरा। उनके हमले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

महाचौपट राज: तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अब एनडीए का राज नहीं, बल्कि 'महाचौपट राज' है। यहाँ अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े सरेआम हत्याएं हो रही हैं।

कुर्सी का खेल: उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू और भाजपा के नेता केवल 'मुख्यमंत्री की कुर्सी' के खेल में व्यस्त हैं, जबकि जनता हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाओं के बीच असुरक्षित महसूस कर रही है।

प्रोपेगेंडा और जहर: तेजस्वी ने इस घटना की तुलना हालिया रिलीज हुई एक प्रोपेगेंडा फिल्म के दृश्यों से करते हुए कहा कि भाजपा समाज में जो जहर भर रही है, उसका नतीजा अब दिखने लगा है।

प्रशासन पर तंज: उन्होंने कहा कि एनडीए शासन बालू और दारू की वसूली में 'मस्त और व्यस्त' है, जिससे आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल

अररिया की इस घटना ने एक बार फिर बिहार में 'मॉब लिंचिंग' और 'पुलिस इकबाल' पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेआम हुई इस हत्या और उसके बाद भीड़ द्वारा दिए गए 'ऑन द स्पॉट' इंसाफ ने यह साफ कर दिया है कि लोगों के मन में अब कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है।

फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों की ओर से हुई मौतों को लेकर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।