कोलकाता: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पक्ष में हुंकार भरी। पार्टी में हुई हालिया टूट के बाद अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने इस चुनाव को 'आजादी बचाने की दूसरी लड़ाई' करार देते हुए बंगाली अस्मिता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
वोटर लिस्ट में 'महा-षडयंत्र' का आरोप
केजरीवाल ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जड़ें काटने की कोशिश है। उन्होंने कहा:
"27 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। कई देशों की कुल आबादी भी इतनी नहीं होती। अगर आपका वोट ही नहीं रहेगा, तो आप देश के नागरिक नहीं बचेंगे। माँ-बाप का वोट है, लेकिन बेटे का नाम काट दिया गया। यह आपके अधिकार छीनने की साजिश है।"
उन्होंने जनता से 'कसम' लेने को कहा कि जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं, वे अब घर-घर जाकर टीएमसी (TMC) के लिए प्रचार करेंगे और इस अन्याय का जवाब देंगे।
बंगाली संस्कृति और अस्मिता पर प्रहार
केंद्रीय बलों की भारी तैनाती पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने इसे बंगाल का अपमान बताया। उन्होंने कहा:
भारतीयता पर सवाल: "भाजपा ने यहाँ पूरी फौज और केंद्रीय बल उतार दिए हैं। क्या बंगाल में आतंकवादी रहते हैं? आप लोग भी भारतीय हैं, लेकिन यह आपकी संस्कृति और अस्मिता पर सीधा हमला है।"
ऐतिहासिक बलिदान: केजरीवाल ने याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में बंगाल के पूर्वजों ने सबसे ज्यादा कुर्बानी दी थी, और आज एक बार फिर बंगाल को देश का लोकतंत्र बचाने के लिए खड़ा होना होगा।
'अकेली महिला के पीछे पड़ा पूरा तंत्र'
ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज पूरी सत्ता और मशीनरी एक महिला के पीछे पड़ी है, लेकिन वे डिगने वाली नहीं हैं।
"दीदी के साथ काली माई का आशीर्वाद है। आज जब आजादी बचाने का इतिहास लिखा जाएगा, तो उसमें दर्ज होगा कि इस लड़ाई में केजरीवाल भी उनके साथ खड़ा था।"
दिल्ली का जिक्र और भाजपा पर वार
अपने संबोधन में उन्होंने दिल्ली की राजनीति का भी उल्लेख किया। केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह दिल्ली में 'फर्जी केस' बनाकर उन्हें परेशान किया गया और सत्ता हथियाने की कोशिश की गई, वही फॉर्मूला बंगाल में अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में उनकी सरकार की मुफ्त बिजली जैसी जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की साजिश रची जा रही है।
निष्कर्ष: बेलेघाटा की इस रैली के जरिए अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता अब जमीन पर उतर चुकी है। उन्होंने बंगाल की जनता से अपील की कि वे देश और संविधान को बचाने के लिए ममता बनर्जी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाएं।





