चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में दशकों पुरानी दो-पक्षीय (DMK-AIADMK) व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (TVK) ने सरकार बनाने की ओर निर्णायक कदम बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस के बाद अब वामपंथी दलों (CPI, CPM) और VCK ने भी टीवीके को अपना समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस नए गठबंधन के साथ ही विजय ने विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 के जादुई आंकड़े को हासिल कर लिया है।
सत्ता का समीकरण: कैसे पहुंचा बहुमत तक का सफर?
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है। टीवीके गठबंधन का नया गणित कुछ इस प्रकार है:
टीवीके (TVK): 108 सीटें (स्वयं की सबसे बड़ी पार्टी)
कांग्रेस (INC): 05 विधायक
वाम दल और वीसीके (CPI, CPM, VCK): 06 विधायक
कुल योग: 119 (बहुमत के आंकड़े 118 से एक अधिक)
(नोट: विजय ने स्वयं दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसे मिलाकर गठबंधन की कुल ताकत स्थिर बनी हुई है।)
शाम 4:30 बजे बड़ा धमाका, राज्यपाल से मांगी मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों के नेता आज शाम 4:30 बजे एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। वहीं, 'थलपति' विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से शाम 4:30 बजे का समय मांगा है। हालांकि, राजभवन की ओर से अभी आधिकारिक समय मिलना बाकी है। राज्यपाल के साथ इस सप्ताह विजय की यह तीसरी मुलाकात होगी, जो राज्य में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मल्लिकार्जुन खरगे और वाम दलों की भूमिका
इस गठबंधन को आकार देने में दिल्ली की राजनीति ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वयं सीपीआई महासचिव डी. राजा से चर्चा कर तमिलनाडु में एक 'धर्मनिरपेक्ष सरकार' बनाने के लिए सहयोग मांगा था। इसी क्रम में टीवीके नेता निर्मल कुमार ने गुरुवार को सीपीआई सचिव एम. वीरपांडियन से मुलाकात कर समर्थन की औपचारिकताएं पूरी कीं।
क्यों 'विजय' ही बने पहली पसंद?
तमिलनाडु के युवाओं ने इस बार टीवीके को एक 'तीसरे विकल्प' के रूप में सिर आँखों पर बैठाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक दिग्गजों के बीच जनता, खासकर युवा वर्ग, एक नए और बेदाग चेहरे की तलाश में था। विजय का बड़ा जनसमर्थन और उनकी साफ छवि उन्हें मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार बनाती है।
टीवीके नेता निर्मल कुमार ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा:
"हमने वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से समर्थन की अपील की थी। हमें पूरा विश्वास है कि हम एक स्थिर और प्रगतिशील सरकार बनाएंगे।"
शाम को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजभवन की हलचल के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि थलपति विजय कब तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।





