नई दिल्ली:
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देश की सर्वोच्च पंचायत यानी संसद में राजनीतिक गतिरोध चरम पर पहुँच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी की माँग पर अड़े विपक्ष के भारी हंगामे के कारण शुक्रवार को लगातार 5वें दिन भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही। हंगामे को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
विपक्ष की तीन कड़ी शर्तें: राहुल गांधी का कड़ा रुख
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार छात्रों की न्यायसंगत माँगों को पूरा नहीं करती, तब तक संसद में किसी भी चर्चा का सवाल ही पैदा नहीं होता। राहुल गांधी ने विपक्ष का रुख स्पष्ट करते हुए तीन मुख्य शर्तें रखीं:
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: भ्रष्ट आचरण और लापरवाही के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
प्रधान मंत्री की माफी: देश भर के लाखों पीड़ित छात्रों और उनके परिजनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता करने और उन्हें पीटने वाले अधिकारियों व असामाजिक तत्वों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
माइक बंद करने का आरोप: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब वे किरेन रिजिजू के वक्तव्य का जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने दोहराया, "धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने से पहले हम कोई बातचीत या चर्चा नहीं करेंगे।"
'बहस न होने से जाएगा गलत संदेश': सरकार की अपील
दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष से अपनी जिद छोड़कर सदन को चलने देने और बहस में हिस्सा लेने की अपील की है।
किरेन रिजिजू का बयान: केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से बार-बार चर्चा शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि NEET जैसे गंभीर विषय पर संसद में बहस न होना देश के छात्रों के बीच गलत संदेश भेज रहा है।
कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट का आश्वासन: रिजिजू ने याद दिलाया कि खुद प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिया है कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा और मामलों के जल्द निपटारे हेतु फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित होंगे। ऐसे में विपक्ष को पहले से शर्तें नहीं रखनी चाहिए।
सोनम वांगचुक का हवाला: रिजिजू ने यह भी उल्लेख किया कि पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर इस मुद्दे पर सिर्फ स्वस्थ चर्चा की माँग की है।
गतिरोध बरकरार, सोमवार पर टिकीं निगाहें
विपक्षी सांसदों के "इस्तीफा दो" के गूंजते नारों और तख्तियों के प्रदर्शन के चलते अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। एक तरफ जहाँ सरकार बहस कराकर छात्रों को संदेश देना चाहती है, वहीं विपक्ष बिना जवाबदेही और इस्तीफे के पीछे हटने को तैयार नहीं है। अब देखना यह होगा कि सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर यह गतिरोध टूटता है या संग्राम और गहराता है।





