रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना इलाके के नकटी गाँव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी (MLA कॉलोनी) को लेकर भारी सियासी घमासान छिड़ गया है। एक तरफ जहां जमीन पर प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के खिलाफ ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो ने राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस ऑडियो को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश के कद्दावर मंत्री ओपी चौधरी पर बेहद गंभीर और चुटीले आरोप लगाए हैं।
वायरल ऑडियो: "सर तो सो रहे हैं, मैं उनका पीए बोल रहा हूँ..."
कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक ऑडियो पोस्ट किया गया है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें खुद मंत्री ओपी चौधरी की आवाज है।
ऑडियो का कथित घटनाक्रम: अटल नगर के बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष प्रमोद दुबे ने इलाके में हो रही तोड़फोड़ को लेकर मंत्री ओपी चौधरी को फोन लगाया था। फोन उठने पर जब प्रमोद दुबे ने प्रणाम किया, तो दूसरी तरफ से भी जवाब आया। लेकिन जब दुबे ने अपनी बात रखनी चाही, तो कथित तौर पर मंत्री ने अपनी पहचान छुपाते हुए कहा, "मैं तो उनका पीए बोल रहा हूँ, सर तो सो रहे हैं। कोई विषय है तो बताओ।"
ग्रामीणों का दर्द: जब प्रमोद दुबे ने कहा कि नवा रायपुर में गरीबों के मकान तोड़े जा रहे हैं, पहले उनके विस्थापन की सुविधा दी जाए, तब दूसरी तरफ से (कथित मंत्री की आवाज में) कहा गया कि भाई मैं सुबह इस मामले को जरूर देखूँगा/बता दूँगा।
कांग्रेस इस ऑडियो को शेयर कर मंत्री पर जनता के फोन से बचने और अपनी पहचान छुपाने का आरोप लगा रही है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो पर अभी तक मंत्री ओपी चौधरी का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को घेरा: 'गरीबों को उजाड़कर विधायकों को बसाना कहाँ का न्याय?'
नकटी गाँव में हुई इस कार्रवाई पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। दीपक बैज ने कहा:
"सरकार गरीबों के आशियानों को उजाड़ने का क्रूर काम कर रही है। सरकार के पास जमीनों की कोई कमी नहीं है, तो फिर यह कहाँ तक जायज है कि आप गरीबों के घर तोड़कर वहां विधायकों के लिए आलीशान मकान बनाएंगे? हमारे कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता पूरी ताकत से ग्रामीणों के हक में वहां खड़े हैं।"
70 से अधिक घरों पर चला बुलडोजर, रोते बिलखते रहे ग्रामीण
इससे पहले, नकटी गाँव में जब प्रशासन की टीम जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ पहुंची, तो पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन ने गाँव के अंदर जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया, अचानक टीम आई और नोटिस चस्पा कर करीब 70 से ज्यादा घरों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान महिलाओं और बच्चों को रोते-बिलखते और हाथ जोड़कर गुहार लगाते देखा गया। आक्रोशित ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प और हंगामा भी हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय भी तुरंत ग्रामीणों के बीच ढांढस बंधाने पहुंचे। इस विस्थापन और वायरल ऑडियो के बाद अब रायपुर की सियासत में उबाल आ गया है।





