चंडीगढ़: मतदाता सूचियों में अनियमितताओं और योग्य मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) विशेष गहन संशोधन यानी 'एसआईआर' (SIR - Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत पंजाब में किसी भी असली और योग्य मतदाता का वोट कटने नहीं देगी।
लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'आप' के नेता और कार्यकर्ता प्रदेश भर के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर बूथ लेवल अफसरों (BLOs) के साथ तैनात रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जा सके और किसी भी स्तर पर होने वाली हेराफेरी को रोका जा सके।
"पारदर्शिता और निष्पक्षता से हो मतदाता सूचियों का संशोधन"
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया को बेहद संजीदगी से पूरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा:
“मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए, ताकि हर योग्य नागरिक बिना किसी डर या बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके। इस पूरी प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल होंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब में कहीं भी कोई गड़बड़ी न हो।” — भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब
दूसरे राज्यों की स्थिति पर जताई चिंता, आयोग को दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों योग्य वोट हटाए जाने और फर्जी एंट्री किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे आम नागरिकों के बीच एक अनजाना डर और चिंता पैदा हो गई है।
मान ने कड़े शब्दों में कहा कि पंजाब के जागरूक लोग राज्य में ऐसी किसी भी अनियमितता या कृत्य की इजाजत कतई नहीं देंगे। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि अगर मतदाता सूचियों की सटीकता और चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास डगमगाने लगे, तो यह लोकतंत्र की नींव के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा। इसलिए चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का पूरी ईमानदारी से और बिना किसी देरी के समाधान करना चाहिए।
मृतकों और विदेश गए लोगों के नाम हटेंगे, असली निवासी सुरक्षित
'आप' के रुख को साफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं (मृत व्यक्ति) या जिन्होंने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली है और स्थायी रूप से विदेश चले गए हैं, उनके नाम नियमानुसार मतदाता सूची से जरूर हटाए जाने चाहिए। लेकिन, इसकी आड़ में पंजाब के किसी भी असली निवासी को परेशान नहीं किया जाना चाहिए और न ही उसे उसके बुनियादी वोटिंग अधिकार से वंचित किया जाना चाहिए।
83 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी
मुख्यमंत्री मान ने राज्य में चल रहे काम की प्रगति साझा करते हुए बताया कि:
पंजाब में अब तक लगभग 83 प्रतिशत मतदाता मैपिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस सत्यापन (Verification) प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
उन्होंने अंत में दोहराया कि चुनाव आयोग को संपूर्ण एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान सर्वोच्च निष्पक्षता बनाए रखनी होगी ताकि जनता का भरोसा मजबूत बना रहे।





