डायमंड हार्बर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सुवेंदु अधिकारी अपने पहले आधिकारिक जिला दौरे के तहत शनिवार को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर पहुंचे। यह इलाका लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे पर मुख्यमंत्री ने पहले प्रशासनिक बैठक की और उसके बाद फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान (Repoll) से पहले एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

जनसभा में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का रुख बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने बेहद फिल्मी अंदाज में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी और स्थानीय विवादित नेता जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए पूछा—"कहां है पुष्पा?"

सिंघम बनाम पुष्पा: क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित आईपीएस (IPS) अधिकारी अजय पाल शर्मा को बंगाल में पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया था, जिनकी छवि 'सिंघम' जैसी मानी जाती है। एक वायरल वीडियो में आईपीएस शर्मा, जहांगीर खान के परिवार को चेतावनी देते हुए कह रहे थे कि अगर उनके लोगों ने डराना-धमकाना बंद नहीं किया तो वे ठीक से निपटेंगे, फिर रोना मत।

इसके जवाब में टीएमसी नेता जहांगीर खान ने खुद की तुलना मशहूर खोजी फिल्म के किरदार से करते हुए कहा था—"यदि आप सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं... झुकूंगा नहीं।"

अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसी बयान पर पलटवार करते हुए जहांगीर खान को कुख्यात अपराधी बताया और खुली चेतावनी दी:

"चुनाव समाप्त होने के बाद इस तथाकथित 'पुष्पा' की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी अब मेरी है। मैं व्यक्तिगत रूप से इसके मामलों को देखूंगा। फलता में चुनाव बीतते ही जनता को डराने वाले सारे गुंडों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

"भाइपो के आने के बाद छिन गया था वोटिंग का अधिकार"

मुख्यमंत्री ने जनसभा में दावा किया कि फलता में होने वाला पुनर्मतदान क्षेत्र में लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 'भाइपो' (अभिषेक बनर्जी) के राजनीति में आने और उनके आतंक के कारण पिछले 10 वर्षों से डायमंड हार्बर के लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे थे।

मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि अब सूबे में परिस्थितियां बदल चुकी हैं और कानून का राज है। उन्होंने फलता के मतदाताओं से अपील की कि वे भाजपा प्रत्याशी को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से विजयी बनाएं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव के बाद फलता के लिए एक विशेष विकास पैकेज देने की भी घोषणा की।

मालूम हो कि निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को फलता में हुए चुनाव को बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं, ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद पूरी तरह रद्द कर दिया था। अब यहाँ 21 मई को दोबारा वोट डाले जाएंगे।

दौरे के बीच राजनीतिक सनसनी: गुलदस्ता लेकर पहुंचे TMC विधायक

सुवेंदु अधिकारी के इस दौरे के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक बैठकों के अलावा एक और बड़ी घटना घटी, जिसने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के दो बार के मौजूदा विधायक पन्नालाल हलदर प्रशासनिक बैठक स्थल के बाहर फूलों का गुलदस्ता लेकर मुख्यमंत्री का इंतजार करते दिखे।

हालांकि, बैठक लंबी खिंचने के कारण मुख्यमंत्री से उनकी सीधी मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन पन्नालाल हलदर ने मीडिया के कैमरों के सामने यह स्वीकार किया कि खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें वहां रुकने के लिए कहा था। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को टीएमसी विधायक द्वारा पाला बदलकर भाजपा में शामिल होने के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।