नई दिल्ली/अलवर: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने देश की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा को एक ऐतिहासिक आयाम देते हुए 'शौर्य कमांडो' नामक एक नई और विशिष्ट लड़ाकू इकाई का गठन किया है। इन विशेष कमांडो ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ हालिया गतिरोध के दौरान अपनी असाधारण क्षमताओं का लोहा मनवाया है। बल अब चीन की हर चाल का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह आक्रामक और तकनीकी रूप से उन्नत रुख अपना रहा है।

ड्रोन युद्ध और आधुनिक तकनीक से लैस हो रही फोर्स

आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने राजस्थान के अलवर स्थित बेस पर बल के 65वें स्थापना दिवस (24 अक्टूबर) से पूर्व जवानों को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन जैसे बड़े विरोधी का मुकाबला करने के लिए अब युद्ध के पारंपरिक तरीके नाकाफी साबित हो रहे हैं।

  • ड्रोन प्लाटून और विशेष फंडिंग: सीमा-रक्षक बटालियनों में विशेष ड्रोन प्लाटून का गठन किया गया है। सरकार से मिली 400 करोड़ रुपये की फंडिंग का 70 प्रतिशत हिस्सा ड्रोन युद्ध क्षमताओं को धार देने में खर्च किया जा रहा है।
  • बड़ा आधुनिकीकरण पैकेज: गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 4,000 करोड़ रुपये की आधुनिकीकरण योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये केवल ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
  • नया स्ट्राइक कोर्स: जून 2020 की गलवान घाटी की घटनाओं जैसे हालात से निपटने के लिए एक विशेष 'स्ट्राइक कोर्स' तैयार किया गया है। योजना के अनुसार, वर्ष 2027 के अंत तक आईटीबीपी के संपूर्ण जवानों को इस कठोर प्रशिक्षण से लैस कर दिया जाएगा।

बुनियादी ढांचे और कठिन मौसम में मजबूती

अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ बल अग्रिम रणनीतिक मोर्चों पर बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विकास कर रहा है:

  • भूमिगत आश्रय स्थल: युद्ध की विकट परिस्थितियों में न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षित भूमिगत आश्रय स्थलों (अंडरग्राउंड शेल्टर) का निर्माण किया जा रहा है।
  • हाई-एल्टीट्यूड माउंटेन फाइटिंग: अत्यधिक ऊंचाई और भीषण ठंड वाले क्षेत्रों में सैनिकों की सहूलियत के लिए इंसुलेटेड बैरक, सोलर वॉटर हीटर, और वाहनों के लिए 'कोल्ड-स्टार्ट किट' की व्यवस्था की गई है ताकि चुनौतीपूर्ण तापमान में भी गाड़ियां तुरंत शुरू हो सकें।

राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट और कांग्रेस के सवाल

इस बीच, इस सैन्य सुदृढ़ीकरण और सीमाई हालातों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आईटीबीपी महानिदेशक के बयानों का हवाला देते हुए सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की हरकतों और कथित तौर पर कुछ पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक भारत की पहुंच कम होने को लेकर सरकार को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। साथ ही, उन्होंने चीन द्वारा अरुणाचल में भारतीय स्थानों के नाम बदलने और सीमा पार बड़े बांधों के निर्माण को भारत की जल सुरक्षा एवं पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताया है।

बहरहाल, इन तमाम भू-राजनीतिक बहसों के बीच आईटीबीपी का यह कायाकल्प इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सुरक्षा बल देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर मुस्तैद और तकनीकी रूप से सक्षम हो रहे हैं।

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