मुंबई। टेलीकॉम सेक्टर में जियो के जरिए तहलका मचाने के बाद अब मुकेश अंबानी की रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) ने एफएमसीजी और आइसक्रीम सेगमेंट में बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने 'बॉम्बे क्रीमरी' ब्रांड नाम से आइसक्रीम बाजार में एंट्री की है। रिलायंस ने कप, कोन और स्टिक आइसक्रीम की शुरुआती कीमत महज 10 रुपये रखी है, जिसने अमूल और क्वालिटी वॉल्स जैसे स्थापित ब्रांड्स की नींद उड़ा दी है।

फिलहाल इसे पश्चिमी भारत में उतारा जा रहा है, लेकिन जल्द ही रिलायंस के व्यापक नेटवर्क के जरिए इसे पूरे देश में विस्तार देने की योजना है।

बाजार पर तत्काल प्रभाव और शेयर बाजार का हाल

  • शेयरों में भारी गिरावट: रिलायंस की इस आक्रामक एंट्री की खबर से शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई। बुधवार को बीएसई (BSE) पर क्वालिटी वॉल्स के शेयर 3% गिरकर 43 रुपये पर आ गए। लगातार सातवें सत्र में आई इस गिरावट से कंपनी का कुल शेयर नुकसान 11% तक पहुंच गया है।
  • एंट्री लेवल प्राइस आधी की: अमूल और अन्य प्रमुख ब्रांड्स के मैंगो स्टिक व कुल्फी जैसे एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स क्विक-कॉमर्स (Zepto, Instamart, Blinkit) पर 20 रुपये से शुरू होते हैं। रिलायंस ने इसे 10 रुपये में पेश कर शुरुआती कीमत सीधे आधी कर दी है।

असली डेयरी क्रीम और फ्लेवर्स का तड़का

RCPL के निदेशक टी. कृष्णकुमार के अनुसार, 10 रुपये की सस्ती कीमत के बावजूद गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा:

  • असली डेयरी क्रीम: बॉम्बे क्रीमरी के प्रोडक्ट्स असली डेयरी क्रीम से तैयार किए गए हैं।
  • फ्लेवर्स की रेंज: वैनिला और चॉकलेट जैसे पारंपरिक स्वादों के साथ-साथ साल्टेड कार्मेल, माचा और तिरमिसु जैसे आधुनिक व ट्रेंडिंग फ्लेवर्स की मांग को पूरा किया जाएगा।

'कैंपा कोला' का हिट फॉर्मूला दोहराने की तैयारी

रिलायंस ने इससे पहले कैंपा (Campa) को 10 रुपये (200ml) में री-लॉन्च कर सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में प्राइस-वॉर छेड़ा था।

  • कैंपा की सफलता: वित्त वर्ष 2026 में कैंपा की ग्रॉस सेल 4,700 करोड़ रुपये को पार कर गई।
  • रिटेल नेटवर्क का इस्तेमाल: बॉम्बे क्रीमरी को भी उसी तर्ज पर प्रमोट किया जा रहा है। रिलायंस अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए रिटेल स्टोर्स में खास फ्रीजर लगवाकर विजिबिलिटी बढ़ा रही है।

15% CAGR से बढ़ता भारतीय आइसक्रीम बाजार

एक्सपर्ट मार्केट रिसर्च के अनुसार, भारत का आइसक्रीम बाजार 15% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है और 2035 तक इसके 16.10 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

डीआर चोकसी फिनसर्व के एमडी देवेन चोकसी के मुताबिक, यह रिलायंस की लंबी अवधि वाली रणनीति का हिस्सा है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहुंच के दम पर रिलायंस पुराने ब्रांड्स के लिए एक बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा खड़ी कर सकता है।