मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई काफी तेज कर दी है। पुलिस ने इस पूरे मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 11 आरोपियों पर कड़ा 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट' (MCOCA/मकोका) लगा दिया है। इसके साथ ही, क्राइम ब्रांच ने अदालत को सूचित किया है कि साजिश की परतें खोलने के लिए 4 मुख्य आरोपियों के वॉयस सैंपल (Voice Samples) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जांच एजेंसियों को प्राथमिक पड़ताल में मजबूत शक है कि इस हमले के पीछे किसी संगठित आपराधिक गिरोह (Organized Crime Syndicate) का हाथ है और इसका मुख्य मकसद डर फैलाकर रंगदारी (Extortion) वसूलना था।

घटना का घटनाक्रम और मौजूदा स्थिति

उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर को मुंबई के पॉश जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 से 6 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस सनसनीखेज हमले में अभिनेता पूरी तरह सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर आई थी।

मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (Anti-Extortion Cell) कर रही है:

  • 7 आरोपियों की कोर्ट में पेशी: आज कुणाल, सुमित, राधा, बबिता, अंकित, समीर और जतिन समेत 7 आरोपियों की पुलिस हिरासत खत्म होने पर उन्हें एस्प्लेनेड कोर्ट (Esplanade Court) में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग करेगी।
  • मुख्य शूटर रिमांड पर: मामले के मुख्य शूटर—फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक—को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था और वे 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में हैं।

अमेरिका से बिश्नोई गैंग कनेक्शन और मास्टरमाइंड अनिल पंडित

जांच में इस पूरी आपराधिक साजिश के तार विदेश से जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस ने हरियाणा के पानीपत निवासी अनिल पंडित को इस हमले का मुख्य मास्टरमाइंड बताया है।

आरोप है कि अनिल पंडित अमेरिका के कैलिफोर्निया में बैठकर इस साजिश को संचालित कर रहा था और उसका सीधा संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है। उसे फिलहाल वांटेड घोषित किया गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, शूटरों को सिग्नल (Signal) ऐप, इंटरनेशनल कॉल और टीवी न्यूज देखकर रियल-टाइम अपडेट दिए जा रहे थे।

मकोका (MCOCA) की धाराएँ और वॉयस सैंपल क्यों?

  • MCOCA लागू करने की वजह: पुलिस का मानना है कि यह हमला केवल व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि एक संगठित गैंग द्वारा भय का माहौल बनाकर रंगदारी वसूलने की योजना थी। मकोका लागू होने के बाद अब आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी और जांच एजेंसियों को पूछताछ के लिए कठोर कानूनी अधिकार मिल गए हैं।
  • वॉयस सैंपल और ऑडियो क्लिप: हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप और पोस्ट के जरिए जिम्मेदारी ली गई थी। क्राइम ब्रांच अब आरोपियों की आवाज का मिलान उस वायरल ऑडियो क्लिप से करने के लिए 4 आरोपियों के वॉयस सैंपल फॉरेंसिक लैब भेज रही है।

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अमृतसर से हथियार और डिजिटल सबूत की बरामदगी

पुलिस ने गुजरात के सूरत से दो पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि ये हथियार पंजाब के अमृतसर से महिला आरोपियों (राधा और बबिता) के माध्यम से पहुँचाए गए थे।

फिलहाल, फॉरेंसिक टीम हथियारों की जांच कर रही है और पुलिस इस बिंदु की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या किसी अन्य फिल्मी सितारे की सुरक्षा मजबूत होने के कारण टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया था।

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